रायसेन : किसानों के समर्थन में आए व्यापारी, देशव्यापी बंद के आह्वान पर संपूर्ण जिला रहा बंद

किसानों के समर्थन में आए व्यापारी, देशव्यापी बंद के आह्वान पर संपूर्ण जिला रहा बंद
 व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर दिया संदेश, अन्नदाता ही होता है देश का पेट भरने वाला
रायसेन से अमित दुबे की रिपोर्ट  : – 
 विगत दिनों से पंजाब हरियाणा दिल्ली एवं कई प्रांतों के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश किसान कानून बिल के विरोध प्रदर्शन में उतर कर इस काले कानून का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार के नहीं मानने के कारण वह अपने साथ हजारों की संख्या में दिल्ली की ओर कूच कर दिया है। बतादें कि किसानों ने अपने साथ 6 महीने का राशन पानी भी साथ लेकर चल रहे हैं और वह जब तक अपना यह धरना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे तब तक केंद्र सरकार उस अध्यादेश जो कि किसानों की नजर में काला कानून बनकर सामने आया है उसको खत्म नहीं कर देती है। वहीं केंद्र सरकार भी अपनी हठधर्मिता पर उतारू है की इतना विरोध होने के बाद भी इस मामले में अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है। कई बार किसानों के ऊपर दल बल प्रयोग किया गया उनको बॉर्डर पर भी रोका  गया लेकिन किसान नहीं रुके, किसानों का कहना है कि हम इस अध्यादेश का हम मरते दम तक विरोध करते रहेंगे। इसी विरोध स्वरूप आज देशव्यापी बंद का आह्वान भी किसान संगठनों द्वारा किया गया। कई किसान संगठन जिसमें किसान कांग्रेस, जनजागृति संगठन और अन्य किसान नेता भी शामिल होकर केंद्र सरकार के प्रति जिले भर में रोष व्याप्त किया। किसानों के समर्थन में उतरकर व्यापारियों ने अपना समर्थन देकर अपने-अपने प्रतिष्ठान सुबह से ही बंद रखें और तो और लोग चाय पान के लिए भी तरसते हुए दिखाई दिए। एक छोटे से दुकानदार से लेकर बड़े से बड़े व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी।
 वहीं व्यापारियों ने कहा कि अन्नदाता ही देश को चला रहा है। केंद्र सरकार को किसानों की बात मानना चाहिए क्योंकि किसान देश का पेट भरता है। किसान के बराबर कोई मेहनत नहीं कर सकता इसलिए हम किसान के साथ हैं। क्योंकि किसान से ही बाजार में रौनक आती है और व्यापार चलते हैं। हम चाहते हैं कि किसानों के समर्थन में इस कानून को बदला जाए इसलिए आज हमने अपना पूर्ण समर्थन किसान हित में दिया है।                                                                                                                                                                                                                                                                                   

Exit mobile version