राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाए बड़े आरोप, कहा सांसदों को राज्यसभा में पीटा गया, हंगामे का वीडियो हुआ वायरल 

 

 राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाए बड़े आरोप, कहा सांसदों को राज्यसभा में पीटा गया, हंगामे का वीडियो हुआ वायरल 

संसद का मानसून सत्र अब खत्म हो गया है लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा आरोप लगाया कि सांसदों को राज्यसभा में पीटा गया.

 मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में हंगामे और धक्का-मुक्की का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताई है तो वहीं केंद्र सरकार सभी आरोपों पर पलटवार कर रही है .

 

 सोशल मीडिया पर अब उस घटना का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें राज्यसभा में धक्का-मुक्की की गई. और जिसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हो रही है.

 गुरुवार को सरकार ने इस मुद्दों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का काम ही यही है, विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती है. हर काम में रुकावट बनती है उन्हें चाहिए कि वह माफी मांगे और घड़ियाली आंसू ना बहाएं.

 

 बताते चलें कि राहुल गांधी ने कहा कि हमने पेगासस मुद्दों पर सवाल उठाए तो सांसदों के साथ मारपीट की गई. वहीं विशंभर निषाद ने कहा कि इस दौरान महिला सांसदों के साथ भी मारपीट की गई.

 विपक्ष के दिग्गज नेता राहुल गांधी समेत 15 नेताओं ने सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं. मनोज झा ने कहा कि इंश्योरेंस बिल संसद में नहीं पास किए हैं बल्कि मार्शल लॉ ने पास किया. 

 

 इस पूरे मामले को लेकर सत्तापक्ष ने पलटवार किया और मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चाहती है कि सदन चले लेकिन विपक्ष ने सदन की गरिमा गिराई. मिनिस्टर के हाथों से जवाब छीना गया और जब माफी मांगने की बात की गई तो सभी विपक्षी नेता मुकर गए. उन्होंने कहा कि हम माफी नहीं मांगेंगे.

राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री इस देश को बेचने का काम कर रहे हैं, हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री दो-तीन उद्योगपतियों को हिन्दुस्तान की आत्मा बेच रहे हैं। इसलिए विपक्ष सदन के अंदर किसानों, बेरोज़गारों, इंश्योरेंस बिल और पेगासस की बात नहीं कर सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी किसानों पर अत्याचार करते हैं, जो उनका है वो उनसे छीनते हैं और फिर किसानों को देशद्रोही और खालिस्तानी कहते हैं।

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