क्वेस कॉर्प बनी प्राइवेट सेक्टर की सबसे अधिक नौकरी देने वाली कंपनी

 

कर्नाटक: हाल ही में बेंगलुरु में एक उभरती हुई कंपनी बहुत चर्चा में आयी है। इसकी वजह है कंपनी की वर्कफोर्स का बड़ा होना। यहां तक की टाटा कंसल्टेंसी के निजी क्षेत्र कर्मियों की संख्या में पछाड़ कर, प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां देने में सबसे टॉप पर पहुंच गई है।

कितने कर्मचारी काम करते हैं 'क्वेस कॉर्प' में?
तिमाही फाइलिंग के अनुसार, कंपनी के पास कर्मचारियों तथा सहयोगियों की संख्या 3 लाख 85 हज़ार है। वहीं अब तक की सबसे बड़ी कंपनी कही जाने वाली टाटा कंसल्टेंसी के पास निजी क्षेत्र में काम करने वाले 3 लाख 56 हज़ार कर्मचारी हैं, जिसमे विदेशों में काम करने वाले भी इसमें शामिल हैं। टाटा बके बाद दूसरे स्थान पर आने वाली कंपनी इंफोसिस में 2 लाख 43 हज़ार कर्मचारी काम करते है। इसी के साथ 'क्वेस कॉर्प' भारत की सबसे अधिक नौकरी प्रदान करने वाली कंपनी बन जाती है।  

2016 में शेयर बाजार में लिस्टेड होने के बाद क्वेस कॉर्प ने हर साल 38 फीसदी की दर से वृद्धि की है। कंपनी को एक दसक पहले 19 सितम्बर 2007 को उद्यमी अजीत इसाक ने स्थापित किया था। इसके 70 फीसदी वर्कफोर्स का औसतन वेतन 12000-40000 तक है। कंपनी ने बताया कि वो अपने कर्मचरियों को प्रोविडेंट फण्ड तथा इश्योरेंस मुहैया कराती है।

ये कंपनी मुख्य तौर पर क्या काम करती है?
'क्वेस कॉर्प' कई संस्थानों को अलग-अलग तरह कि सेवाएं प्रदान करती है। यहां तक कि विधि, लेखांकन, बुक कीपिंग, ऑडिटिंग गतिविधि, टैक्स सलाह, बाजार रिसर्च और पब्लिक राय, कारोबार, प्रबंधनकीय सुझाव जैसी  सेवाएं देती है। इसी के साथ कंपनी दूसरी छोटी कंपनियों को तीव्र गति से तरक्की करने में भी मदद करती है। इसके अलावा 'क्वेस कॉर्प' अपने कार्यबल को भी मौका देती है जिससे की उनको अपनी योग्यता का ज्ञान हो। कंपनी अपने के कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग तथा शिक्षा के प्रोग्राम भी चलाती है जिससे की वर्कफोर्स अपनी पूर्ण क्षमता का प्रयोग कर सके। हर वर्ष 1 मिलियन लोगों का इंटरव्यू लिया जाता है।   

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