हालात बिगड़े! मध्यप्रदेश में लगेगा "राष्ट्रपति शासन", लिखा गया पत्र, विचार बाकी

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश की जनता इस समय कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जंग लड़ रहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ राजनीति का दौर भी चल रहा हैं। दरअसल, कांग्रेस लगातार शिवराज सरकार को घेरी हुई हैं। कांग्रेस का हर दिग्गज नेता प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर हमलावर हैं। 

इन सब के बीच अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य और अधिवक्ता विवेक तनखा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के वर्तनाम राजनीतिक हालात पर चिंता जताई हैं। साथ ही निवेदन करता हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार करने को कहा हैं। 

वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य ने पत्र में लिखा की – मुख्यमंत्री शिवराज अकेले सरकार चला रहे हैं। अब तक उन्होंने मंत्रालय का गठन नहीं किया हैं। जबकि ऐसे विकट समय में मंत्रिमंडल गठन के साथ सभी के विचार विमर्श से निर्णय लिये जाने चाहिए।

विवेक तनखा ने आगे लिखा की – लॉकडाउन के दौरान शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और मंत्रिमंडल का गठन भी नहीं किया गया जबकि ये कानूनन भी आवश्यक हैं।  शिवराज सिंह असंवैधानिक तरीके से सरकार चला रहे हैं। मध्यप्रदेस की साढ़े सात करोड़ जनता इस समय कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही हैं। प्रदेश के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मैं निवेदन करता हूं कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।

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