
चौथी मंजिल से नीचे आ रही लिफ्ट बीच मे टूटी, 2 बच्चों समेत 7 लोग घायल, पुलिस ने एफआईआर लिखने से किया इंकार…
भोपाल/राजेश्वरी शर्मा: एक तरफ जहां मुख्यमंत्री जी के लिफ्ट में फंसने से इंजीनियर को निलंबित कर दिया जाता है, वही दूसरी और 2 बच्चो समेत 7 लोगो के घायल होने की पुलिस एक एफआईआर तक दर्ज नही करती…
भोपाल में रविवार शाम लालघाटी स्थित नीलगगन हाइट्स में लिफ्ट गिरने से दो बच्चों समेत 7 लोग घायल हो गए थे। धमाका इतना जोरदार था कि लोगों को लगा जैसे कोई बम फट गया है। रहवासियो ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने शिकायत की, लेकिन आलम यह है कि 2 दिन बाद भी अब तक पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नही की है। इससे नाराज और रहवासी और महिलाएं सोमवार रात बिल्डर के खिलाफ कोहेफ़िज़ा थाने में पहुंची।
बताया जा रहा है की घटना को 2 दिन हो गए है, रहवासियों की तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिस ने अब तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नही की है।
रहवासियों का आरोप है की बिल्डर ने यहां पर बड़ी कंपनी की लिफ्ट बता कर लोकल कंपनी की लिफ्ट लगा दी।
इसमे किसी तरह की कोई व्यवस्था नही है। ना इसमे इमरजेंसी नंबर है और ना ही सुरक्षा का कोई इंतेज़ाम।
पुलिस का कहना है कि बिना मामले की जांच के एफआईआर दर्ज नही होगी। यह तकनीकी मामला है जिसकी जांच हो रही है। लेकिन 7 लोगो का घायल होना लापरवाही के मामले को साफ दर्शाता है। यह तकनीकी मामला बाद में पहले लापरवाही का मामला है। जिसपर पुलिस को एफआईआर दर्ज करना चाहिए।