
By : Anjali Kushwaha
दिल्ली: भगवान की पूजा में पर फूल चढ़ाना एक आम बात हैं लेकिन इन फूलों के मुरझाने के बाद अक्सर लोग इन्हे फेंक देते हैं. लेकिन दिल्ली के एक वकील देवराज अग्रवाल इन फूलों का इस्तेमाल करके इस प्रकृति को बढ़ाने में अपना एक अलग ही योगदान दे रहे हैं. वह कई सालों से जिस मंदिर में जाते थे. वहां कचरे में जाते वेस्ट फूलों और पत्तों को देखकर उन्हें कुछ नया करने का ख्याल आया और फ़िलहाल वो इसका उपयोग पौधे लगाने में कर रहे हैं.
देवराज अग्रवाल ने इसकी शुरुआत मंदिर के प्रसाद वाले फलों के बीजों, आम की गुठलियों और फूलों आदि को मिट्टी में उगाकर की थी. जिसमे उन्हें सफलता मिली. अब उन्होंने पूरे मंदिर प्रांगण को हरा-भरा बना दिया और धीरे-धीरे मंदिर में उन्होंने छोटी सी नर्सरी की शुरूआत कर दी. इसके अलावा वह पौधे लगाने के लिए गमले भी घर के बेकार प्लास्टिक, जैसे- दूध, नमकीन और राशन के पैकेट्स से बनाते हैं. देवराज अपने घर का गीला कचरा भी अब इन पौधों को उगाने में इस्तेमाल करते हैं.
देवराज के इस मुहीम में उनके कई दोस्तों ने भी उनका साथ दिया और कई लोग इस मुहीम से जुड़ चुके हैं. पिछले दो सालों में, वह अब तक लगभग 100 पौधे कई सार्वजनिक जगहों पर लगा चुके हैं. उन्होंने अपने इस नेक काम को माँ भारती श्रृंगार का नाम दिया है. वह लोगों को उनके ख़ास मौके पर पौधे ही तोहफे में देते हैं।