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नाग पंचमी पर श्रद्धालु इस बार भी करेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के ऑनलाइन दर्शन, साल में एक दिन खुलने वाले इस मंदिर की है विशेष मान्यता
कोरोना की दूसरी लहर में मध्यप्रदेश में लाखों लोगों की जानें गई. हालांकि फिर स्थिति में सुधार हुआ था लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए सरकार सतर्क है.
कोविड-19 के नियमो के साथ इस बार महाकालेश्वर मंदिर में,साल में 1 दिन नाग पंचमी पर खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन श्रद्धालु ऑनलाइन तरीके से एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कर रहे हैं। श्रद्धालु सबसे पहले महाकाल के दर्शन कर रहे है। उसके बाद जगह-जगह लगाई गई एलईडी स्क्रीन के माध्यम से नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए जा रहे हैं।
साल में एक दिल खुलने पर नागचंद्रेश्वर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन करने से श्रद्धालुओं को सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही कई तरह के दोष से भी वह मुक्त होते हैं।यह भी मान्यता है कि आज के दिन नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन करने से कालसर्प योनि से भी मुक्ति मिलती है।
इस मंदिर में 11 वीं शताब्दी की प्रतिमा स्थापित है। सबसे खास बात यह है कि इस मंदिर के पट वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी पर 24 घंटे के लिए खुलते हैं। रात 12 बजे मंदिर के पट खुले और महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज द्वारा प्रथम पूजा की गई।
मंदिर में नागचंद्रेश्वर की दुर्लभ प्रतिमा 11वीं शताब्दी की बताई जाती है। इस प्रतिमा में फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती विराजित हैं। महाकालेश्वर मंदिर के सबसे ऊपरी तल पर ये प्रतिमा स्थित है। नागचंद्रेश्वर मंदिर में प्रवेश करते ही दीवार पर भगवान नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा दिखाई देती है।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिर की वेबसाइट www.mahakaleshwar.nic.in और सोशल मीडिया पर ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की गई है.
दूर-दूर से लोग नाग पंचमी के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के साथ-साथ नागचंद्रेश्वर देवता के दर्शन करने आते हैं. 2020 से इस मंदिर के गर्भ गृह में जाकर श्रद्धालुओं ने दर्शन नहीं की है. इस बार भी श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दर्शन करने पड़ेंगे.
नागपंचमी के दिन भगवान महाकालेश्वर के दर्शन भी प्रीबुकिंग से ही होंगे. ऐसे में नागपंचमी पर्व के अवसर पर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थी प्रीबुकिंग करवा कर ही दर्शन के लिए आएं.