उद्योग व्यापार के लोगो ने प्रशासन से लगाई गुहार, विद्युत कटौती से मुसीबत में है उद्योग और व्यापार

मध्यप्रदेश/जबलपुर(Jabalpur) – : प्रशासन के समक्ष सबाल उठाये जाने के बाद भी नहीं हो रहा निराकरण,  जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित और अघोषित बिजली कटौती के कारण उद्योग और व्यापार में अब बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक निर्माण से जुड़ी इकाइयां और फेब्रिकेशन से जुड़े उद्योगों को ज्यादा हानि उठानी पड़ रही है।अब  जबलपुर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ  से इस विषय को शासन के समक्ष उठाया जाएगा। चेंबर के चेयर मेन प्रेम दुबे(prem Dubey) ने कहा  कि विद्युत कटौती से अब  व्यवसायों पर विपरीत असर पड़ रहा  है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु खरे(Himashu Khare) ने कहा  कि लॉकडाउन(Lockdown) के बाद अब  विपरीत परिस्थितियों में उद्योगो का कार्य चला  रहें हैं।अब उनका कहना है कि  किसी भी नुकसान को झेलने की स्थिति में नहीं हैं। अब खरे जी ने यह आरोप लगाया कि प्रदेश प्रशासन व्यवसाइयों को विद्युत देयक में फिक्सड एवं न्यूनतम चार्ज में छूट देने नाकाम रही  है जबकि केन्द्र शासन ने मप्र सहित देश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों को क्षतिपूर्ति के लिए 90 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए हैं।अब  कार्यकारी अध्यक्ष कमल ग्रोवर, सचिव नरिंदर सिंह पांधे, घनश्याम गुप्ता, राकेश चौधरी, अजय बख्तावर, पंकज माहेश्वरी, चंद्रेश वीरा, मनोज सेठ,अब ये सब लोगो का कहना है  कि विद्युत कटौती से उद्योगों एवं घरों में आवश्यक उपकरण भी खराब हो रहे हैं।

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