
ग्वालियर : हालही में मध्यप्रदेश के ग्वालियर ज़िले से बड़ा मामला सामने आया था, जहां ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी मांगने पर एक दलित RTI एक्टिविस्ट की जमकर पिटाई तो की ही गई और साथ ही जूते में भरकर पेशाब भी पिलाई गई थी। वहीं, भाजपा सरकार के राज्य में इस घटना को कांग्रेस अब आगामी समय में मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
मामला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के संज्ञान मे आया तो उन्होंने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया। शुकवार को यह कमेटी बरई RTI एक्टिविस्ट शाशिकांत के घर पहुंची है। उसके हाल चाल जानने के बाद घायल की पत्नी से मुलाकात कर पूरी घटना समझी है।
घटना की पूरी जानकारी देते देते RTI एक्टिविस्ट शाशिकांत की पत्नी रो पड़ी। घायल RTI एक्टिविस्ट की पत्नी का कहना था कि पुलिस ने अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। कमेटी के सदस्यों ने कहा कि वह चिंता न करें कांग्रेस पार्टी उनके साथ है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए वह पूरी ताकत लगा देंगे।
वहीं, कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करके पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को सौपेंगी। उसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। बता दे कि समिति में भोपाल से कांग्रेस अनुसुचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक प्रभु दयाल दोहरे, दतिया से खुमान सिंह और ग्वालियर से अनुसुचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष रमेश ठेकेदार शामिल किए गए।
ये था मामला
दरअसल, RTI कार्यकर्ता शशिकांत जाटव ने बरही ग्राम पंचायत में RTI लगाकर महत्वपूर्ण जानकारी मांगी थी। जिसके बाद ग्राम पंचायत में बवाल मच गया था। सरपंच के पति, पंचायत सचिव ने 23 फरवरी के दिन शशिकांत को ग्राम पंचायत कार्यालय में बुलाया था। सबने मिलकर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और आरोप है कि फिर करीब 7 लोगों ने शशिकांत को बेरहमी से पीटा। पिटाई के दौरान जातिवादी गाली गलौच भी की गई। जबकि, शशिकांत की पत्नी ने बताया था कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने शशिकांत को जूते में भरकर पेशाब पिलाई।