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पन्ना के कलेक्टर “एक राजनीतिक एजेंट की तरह काम कर रहे है”, “उन्हें पद से हटा देना चाहिए” : हाईकोर्ट जस्टिस

पन्ना : हालही में पन्ना में हुए पंचायत चुनावों में कलेक्टर सहित अफसरों पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता परमानंद शर्मा ने जबलपुर हाईकोर्ट में प्रशासन के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था की जनपद पंचायत गुन्नौर में उपाध्यक्ष पद के चुनाव में प्रशासन में गड़बड़ी की है। शर्मा का आरोप था कि उन को 13 वोट मिले थे जबकि बीजेपी समर्थक राम शिरोमणि मिश्रा को 12 वोट मिले थे। निर्वाचन अधिकारी के द्वारा कांग्रेस नेता परमानंद शर्मा को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया गया। लेकिन हारे हुए उम्मीदवार राम शिरोमणि मिश्रा ने एक व्यक्ति के बैलट पेपर पर आपत्ति लेते हुए कलेक्टर के पास अपील की जिस पर कलेक्टर ने अगले दिन उस वोट को निरस्त कर दिया और दोनों के 12-12 वोट हो गए।

बाद में पर्ची उठाकर चुनाव कराया गया जिसमें बीजेपी नेता के नाम पर्ची निकली और वे उपाध्यक्ष बन गए। परमानंद ने इसी मामले में आपत्ति जताते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में प्रशासन के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। जिसपर बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान जबलपुर हाई कोर्ट में हाई कोर्ट जस्टिस ने कलेक्टर पन्ना के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की।

हाई कोर्ट जस्टिस ने पन्ना के कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए और कहा की ‘पन्ना के कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा एक राजनीतिक एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें पद से हटा देना चाहिए।” यानी सीधे तौर पर हाईकोर्ट जस्टिस इस मामले में पन्ना के कलेक्टर को फटकार लगाई है।

इधर, कोर्ट की इस फटकार के बाद कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट करते हुए शिवराज सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा की “आज हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा को फटकार लगाते हुए कहा कि पन्ना कलेक्टर ने सत्ताधारी पार्टी के एजेंट की तरह काम किया। उन्हें पद से हटाया जाए। कांग्रेस पार्टी लगातार यही बात कर रही थी कि कलेक्टर भाजपा सरकार की कठपुतली बन कर काम कर रहे हैं।”

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