बड़वानी:- सृजन-पर्यावरण पर ऑनलाइन कविता लेखन प्रतियोगिता

बड़वानी:- सृजन-पर्यावरण पर ऑनलाइन कविता लेखन प्रतियोगिता

ये जल, जमीन, जंगल, शीतल समीर हमारी हैं, इनके बदौलत ज़िन्दा हैं हम, ये तकदीर हमारी हैं

बड़वानी से हेमंत नागजीरिया की रिपोर्ट :- प्राचार्य डाॅ. आर. एन. शुक्ल के मार्गदर्षन में वर्क फ्राम होम के अंतर्गत निरंतर कार्यरत शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ द्वारा विष्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन कविता लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया, राहुल मालवीया, जितेंद्र चैहान और सलोनी शर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। शुद्ध पर्यावरण जीवन की पहली आवष्यकता हैं मानव सहित समस्त जीव जगत, वनस्पति, जलस्रोत आदि पर्यावरण की शुद्धता पर निर्भर हैं। आज की घातक हो चुकी समस्याओं में प्रदूषित हो चुका पर्यावरण भी है। इस आयोजन का उद्देष्य जनसामान्य में पर्यावरणीय चेतना का प्रसार करके पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाना है। 

कॅरियर काउंसलर डाॅ. मधुसूदन चैबे ने कहा कि काव्य लेखन स्पर्धा में युवा विद्यार्थियों के साथ ही अन्य कविगण भी सम्मिलित हो सकते हैं। पर्यावरण के किसी भी आयाम पर कविता, नज्म, ग़ज़ल लिखकर फेसबुक या ई-मेल के माध्यम से भेजना है। फेसबुक के लिये मधुसूदन चैबे की टाइम लाइन सर्च करें और निर्धारित पोस्ट के कमेंट बाॅक्स में अपनी कविता पेस्ट करें। ई-मेल से भेजने के लिये आईडी है- ंदजपउउवनतलं2/हउंपसण्बवउ आज से ही आप अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। 5 जून दोपहर 12 बजे तक प्रविष्टियां स्वीकृत की जायेंगी। श्रेष्ठ रचनाओं को पुरस्कृत किया जायेगा। डाॅ. चैबे ने स्वरचित कविता की पंक्तियां साझा करते हुए कहा कि ये जल, जमीन, जंगल, शीतल समीर हमारी हैं, इनके बदौलत ज़िन्दा हैं हम, ये तकदीर हमारी हैं।

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