आर्थिक तंगी से परेशान एक और अतिथि विद्वान ने की आत्महत्या, अध्यक्ष सुरजीतसिंह ने की PM, CM से इच्छामृत्यु की मांग

आर्थिक तंगी से परेशान एक और अतिथि विद्वान ने की आत्महत्या, अध्यक्ष सुरजीतसिंह ने की PM, CM से इच्छामृत्यु की मांग 

भोपाल/ गरिमा श्रीवास्तव:-एक और अतिथि विद्वान ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाई. सुनील चौहान पीजी कॉलेज खरगोन में फिजिक्स के गेस्ट फैकल्टी थे फॉलन आउट होने के कारण लंबे समय से परेशान थे 
 कांग्रेस सरकार ने जो वचन  दिया था उसको तो पूरा नहीं किया
 लेकिन जीतू पटवारी पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री ने हमारे 2700 अतिथि विद्वानों को फॉलन आउट कर दिया था 15 से 20 साल तक नौकरी में लगे रहने के बाद भी जीतू पटवारी जी ने एक बार भी यह नहीं सोचा 50 साल की उम्र में यह अतिथि विद्वान अब कहां जाएंगे इस उम्र में अब इनको नौकरी कौन देगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पीएससी आपने आज कराई थी वही पीएससी आप 10 साल पहले करा देते तो हमारे अतिथि विद्वान आर्थिक मानसिक तरीके से फांसी लगाकर आत्महत्या नहीं करते उनके बच्चे अनाथ नहीं होते
 अब हम क्या करें कहां जाएं हमारे 5 अतिथि विद्वान साथियों ने आर्थिक मानसिक तरीके से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है
 इसका जिम्मेदार कौन होगा?  अतिथि विद्वानोंं नेअतिथि विद्वानों ने कहा की सीएम शिवराज आपको तो गरीबों का मसीहा कहा जाता है हम गरीब अतिथि विद्वानों को बचा लो. साथिया चित्र विद्वानों ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश में आपकी ही बीजेपी की सरकार है.
 आपकी ही सरकार ने यह पी एस सी का एग्जाम कराया था और कांग्रेस सरकार ने कमलनाथ और पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी  ने अतिथि विद्वान को बेरोजगार किया था

 जिस पीएससी सहायक प्राध्यापक परीक्षा की चयन सूची हाईकोर्ट ने रद्द कर दी हो
 उसके बाद भी ऐसे उम्मीदवारों को सैलरी दी जा रही है कहां का न्याय  है. 

 अतिथि विद्वानों ने की इच्छा मृत्यु की मांग:-

 अतिथि विद्वानों ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री
 गरीब की बद्दुआ कब्र तक पीछा करती है

   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हम मध्य प्रदेश के 5000 अतिथि विद्वान इच्छा मृत्यु की मांग करते हैं
 रोज-रोज की जिल्लत भरी जिंदगी से अच्छा है कि आप हमें इच्छा मृत्यु दे
              
    पीड़ित अतिथि विद्वान
 डॉ सुजीत सिंह भदोरिया
          अध्यक्ष

 अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा

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