अतिथि विद्वान नियमितीकरण के मुद्दे पर बनी सरकार के 120 दिन पूरे, लेकिन समस्या जस की तस

भोपाल :- प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पिछली सरकार के समय बेरोजगार होकर फ़ालेंन आउट हुए उच्च शिक्षित अतिथि विद्वान् आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं पिछले 7 महीने से बेरोजगार होने के कारण अब उनके परिवार पर भी आर्थिक संकट मंडराने लगा है परन्तु अब तक इस ओर सूबे के मुखिया का ध्यान नहीं गया।साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के वादे पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं जिसमें अतिथि विद्वानों के चर्चित आंदोलन में खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आकर बोले थे कि टाइगर अभी जिंदा है जैसे ही हमारी सरकार आती है पहली कैबिनेट में ही आप सभी फ़ालेंन आउट अतिथि विद्वानों को अंदर लेते हुए नियमित कर देंगे।मोर्चा के संयोजक वा संघ के अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह ने शासन प्रशासन से अनुरोध किया है कि हमारे सभी फ़ालेंन आउट हजारों अतिथि विद्वानों को व्यवस्था में लीजिए रुकी हुई लिस्ट जारी करिए,आप हमारी पीड़ा को समझिए उम्र के इस पड़ाव में हम कहां जाएंगे आर्थिक बदहाली और अनिश्चित भविष्य के कारण हमारे साथी आत्महत्या कर रहे हैं सबको व्यवस्था में लीजिए और लगातार होती आत्महत्या को रोकिए
मुख्यमंत्री शिवराज जी वा राज्यसभा सदस्य सिंधिया जी के नियमितीकरण के वादे का इंतजार कर रहे अतिथि विद्वान
अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के चर्चित आंदोलन के कारण ही पिछली सरकार गिरी और वर्तमान सरकार सत्ता में आई,मोर्चा के मिडिया प्रभारी आशीष पांडेय ने सरकार से गुहार लगाई है कि अब काहे की देरी है सरकार,सत्ता भी आपकी कैबिनेट भी आपकी अब तो वादा पूरा करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षित अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण में मूहर लगा दीजिए,आज पूरा देश प्रदेश जानता है कि अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण मुद्दे पर ही सरकार बनी तो ऐसे ज्वलंत मुद्दे पर अभी तक कैसे नज़र नहीं गई सूबे के मुखिया की,विपक्ष में रहते हुए सरकार को अतिथि विद्वानों की पीड़ा दर्द दिखाई दिया लेकिन जब इन्हीं के कारण सरकार बन गई तो क्यों शिवराज और महाराज भूल रहें हैं।हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमारा नियमितीकरण कर हम सबका पुनर्वास करें।
शिवराज,महाराज उच्च शिक्षा मंत्री सहित सभी मंत्रियों से मिला जा चुका,अब तो सुनो सरकार
प्रांतीय प्रवक्ता dr मंसूर अली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सरकार से मांग की है कि अब देरी क्यों,मुख्यमंत्री,राज्यसभा सदस्य,उच्च शिक्षा मंत्री सहित सभी मंत्रियों से हमारी मुलाकात हो चुकी हैं वो सब हमारी पीड़ा को जानते हैं समझते हैं और वादा किए है की आपकी समस्या का निराकरण करेंगे लेकिन निराकरण में हो रही देरी के कारण हमारे साथी मौत को गले लगा रहे हैं इसलिए सरकार से निवेदन है कि तत्काल सभी बाहर हुए उच्च शिक्षित अतिथि विद्वानों को व्यवस्था में लेते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करें जिससे विद्वानों का वा जनता का विश्वास सरकार जीत सके

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