एक बार फिर आदिवासी हत्या पर सुलगी एमपी की राजनीती 

बालाघाट/प्रियंक केशरवानी :- मध्यप्रदेश में आदिवासियों की हत्या और मारपीट के मामले लगातार सामने आ रहे है, लेकिन उन आदिवासियों के साथ इस तरह की घटनाओं पर सरकार और प्रशासन किसी भी प्रकार से सख्त कदम नहीं उठा रही है. हालही में कुछ समय पहले नीमच में एक आदिवासी युवक को गाड़ी में बांध कर घसीटा जाता और उसकी मौत हो जाती है. इसके साथ ही खरगोन जिले के बिस्टान थाने में एक आदिवासी व्यक्ति को प्रताड़ित किया जा रहा था जिससे उसकी थाने में ही मौत हो गई। 

आदिवासी अत्याचार से विपक्ष ने उठाए सवाल 
एमपी में आदिवासी वर्ग के साथ हो रहे अत्याचार से विपक्ष ने शिवराज सरकार पर सवाल खड़े करना चालू कर दिया है. बालाघाट की आदिवासी छात्रा की धारदार हथियार से हत्या की गई है जिसकी न तो कार्यवाही की गई इस घटना को लेकर एमपी एनएसयूआई ने ट्वीट कर शिवराज पर निशाना साधते हुए बोला शिवराज जी अपनी सरकार में आदिवासियों पर रोज अत्याचार बढ़ रहा है और आपकी सरकार क्या कर रही है. सिर्फ जंगलराज चला रही है शिवराज सरकार। 

मध्यप्रदेश सरकार से कमलनाथ ने उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई 
वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आदिवासी अत्याचारों, हत्याओं और दमन व उत्पीड़न को लेकर शिवराज सरकार से मांग की है. की, अभी हालही में नेमावर प्रताड़ित व्यक्ति और आदिवासी स्कूल छात्रा की हत्या पर उच्च स्तरीय जाँच हो, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही के साथ पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाए और उन्हें न्याय मिले। 

Exit mobile version