
- FIR होने पर जीतू पटवारी का बयान आया सामने
- गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को बताया बदलापुर का राजा
- जनता की आवाज का दमन करना चाहती शिवराज सरकार
भोपाल/ अंजली कुशवाह: इंदौर में मलेरिया और डेंगू उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के बीच विवाद अब सियासी मोड़ लेता नजर आ रहा है. इस मामले पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान सरकार पर बदले की कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है. बता दें कि कांग्रेस पूर्व मंत्री जीतू पटवारी द्वारा शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस मामले को लेकर मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि नरोत्तम मिश्रा तो बदलापुर का राजा बन गए हैं. प्रदेश में 6000 से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जनता की आवाज उठाने के लिए बेवजह मुकदमे दर्ज किए गए हैं. इंदौर में जनता की आवाज उठाने पर मेरे खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. जबकि सच्चाई यह है कि कथित पीड़ित कर्मचारी, नगर निगम कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक सभी पहले कह चुके थे कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का मामला नहीं बनता.
जनता की आवाज का दमन करना चाहती हैं MP सरकार
जानकारी के मुताबिक मीडिया से चर्चा करते हुए पटवारी ने शिवराज सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार हर हाल में जनता की आवाज का दमन करना चाहती है. कांग्रेस के नेता जनता की पीड़ा और समस्या को उजागर करते हैं, इसलिए उनके ऊपर झूठे मुकदमे डाले जा रहे हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने जब कोरोना वायरस से हुई मौतों का सच दुनिया के सामने लाया तो उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कर दी गई. पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह जी ने जब महंगाई के खिलाफ धरना दिया तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली गई.
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने जब आरएसएस और बीजेपी की सच्चाई दुनिया के सामने उजागर कर दी तो मध्य प्रदेश के विधायक रामेश्वर शर्मा रिपोर्ट कराने के लिए प्रदर्शन करने लगे, लेकिन इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा के सत्ता के दुरुपयोग का हाल यह है की दतिया में कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ एक ऐसे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई. जिससे उनका कुछ लेना-देना ही नहीं है.
पटवारी ने ये भी कहा कि कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा, आरिफ मसूद, ओमकार मरकाम, बाबू जंडेल, सज्जन सिंह वर्मा, शशांक भार्गव, सतीश सिकरवार, ग्यारसी लाल रावत, घनश्याम सिंह, कमलेश्वर पटेल, बैजनाथ कुशवाहा और अजब सिंह कुशवाहा पर अब तक मध्य प्रदेश सरकार राजनीतिक बदले की कार्रवाई करते हुए मुकदमे दर्ज करा चुकी है.
इसी तर्ज पर अब मेरे खिलाफ भी इंदौर में मुकदमा दर्ज कराया गया है. जनता की आवाज उठाने के लिए और आम आदमी को न्याय दिलाने के लिए एक जनप्रतिनिधि, एक विधायक को जो कार्य करना चाहिए मैंने वही कार्य किया.कथित घटना के बाद कथित पीड़ित कर्मचारी ने भी कहा कि उसे कोई शिकायत नहीं है.
पीड़ित कर्मचारी के कॉल डिटेल्स को लेकर की जांच की मांग
इसके अलावा उन्होंने बताया कि नगर निगम कमिश्नर ने कहा है कि इस मामले में कोई मामला नहीं बनता है. पुलिस अधीक्षक ने भी कहा कि एफआईआर की कोई जरूरत नहीं है. मैं जो बात कर रहा हूं. वह सब रिकॉर्ड पर उपलब्ध है और इन लोगों ने बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग में दिए बयानों में यह सारी बात कही है.
घटना के 3 दिन बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर जाते हैं और उसके बाद अचानक एफआईआर की जाती है. मैं मांग करता हूं कि कथित पीड़ित कर्मचारी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि किन-किन लोगों ने उसके ऊपर एफआईआर दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया. मैं कांग्रेस का सिपाही हूं और किसी से डरने वाला नहीं हूं. नरोत्तम मिश्रा को जो लगता है, करके देख लें. अगर मुझे गिरफ्तार करना जरूरी है तो पुलिस जहां कहे मैं वहां आकर गिरफ्तारी देने को तैयार हूं।
ये हैं पूरा मामला
बता दें कि बीते बुधवार को मलेरिया और डेंगू उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान कीटनाशक छिड़काव के दौरान विधायक जीतू पटवारी द्वारा नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी उत्तम यादव को अपशब्द बोलते हुए धक्का-मुक्की की थी. जानकारी के मुताबिक इस मामले में समझौता भी हो गया था लेकिन सफाईर्मियों के हड़ताल पर चले जाने की चेतावनी के बाद राजेंद्र नगर में FIR दर्ज की गई.