
मध्यप्रदेश/ग्वालियर : ग्वालियर चम्बल संभाग में बाढ़ के हालात हैै। हज़ारो लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन करके निकाल लिया गया हैं। जबकि कई लोगों के अभी भी फसे होने की आशंका हैं।
वहीं, इन सबके बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश सरकार के पूर्व जल संसाधन मंत्री अनूप मिश्रा ने ग्वालियर चम्बल संभाग में बाढ़ के हालात के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दोषी ठहराया हैं।
अनूप मिश्रा से साफ़ शब्दों में कहा कि ये ग्वालियर चम्बल के जिलों में आई बाढ़ जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही हैं इसलिए दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।
इसके लिए उन्होंने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को भी पत्र लिखा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संवेदनशील मुख्यमंत्री बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया कि हालातों को समझते हुए वे बुधवार को ग्वालियर चम्बल संभाग का दौर करने आये और भरोसा दिलाया कि सरकार सबकी चिंता कर रही हैं।
इस से पहले उन्होंने जल मंत्री तुलसी सिलावट को पत्र लिखते हुए कहा कि ग्वालियर चम्बल संभाग के जिलों में आई बाढ़ के लिए कुदरत से ज्यादा जल संसाधन विभाग के अधिकारी दोषी हैं। अधिकारियों ने मौसम विभाग की चेतावनी को दरकिनार करते हुए 2 अगस्त को पानी क्यों छोड़ा जबकि मड़ीखेड़ा के क्षेत्र में पहले से बारिश हो रही हैं मौसम विभाग ने 25-26 जुलाई से ग्वालियर चम्बल संभाग के लिए अलर्ट जारी किया हुआ था। लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारी अलर्ट नहीं हुए और जब मड़ीखेड़ा पूरा भर गया तो सभी गेट खोल दिए जिसका खामियाजा गांव के गांव डूबने के रूप में सामने आया हैं।