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MP में चल रही नर्सों की हड़ताल अवैध घोषित, हाईकोर्ट ने नर्सों को दिया ये निर्देश

जबलपुर हाईकोर्ट (High Court) से बड़ा झटका , सरकारी अधिसूचना के आधार पर अवैध घोषित की गई हड़ताल.

जबलपुर से भारती चनपुरिया की रिपोर्ट : – मध्य प्रदेश  (madhyapradesh )  में 30 जून से चल रही नर्सों की हड़ताल को हाईकोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई में अवैध घोषित कर दिया। जबलपुर(jabalpur ) हाईकोर्ट (High Court) से बड़ा झटका लगा है सुनवाई में पेश हुई मप्र नर्सेज एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा परमार को आदेश दिया है कि वे 8 जुलाई से काम पर लौटें। वहीं, सरकार को आदेश दिया कि वह हाई लेवल कमेटी बनाकर नर्सों की मांग का एक महीने के अंदर निराकृत करें

 अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर की नर्सें हड़ताल पर थीं. इस दौरान नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से नर्सों की हड़ताल को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई और मांग की गई की नर्सों की हड़ताल को तत्काल रोका जाए. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से और नर्सिंग एसोसिएशन से जवाब मांगा था.

नर्सिंग एसोसिएशन ने ये दिया जवाब : –

आज सुनवाई के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से भी अपनी बात हाईकोर्ट के सामने रखी गई, लेकिन अदालत ने हड़ताल को अवैध बताया. क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत नर्सों और डॉक्टरों की सेवाओं को अत्यावश्यक बताया गया है. इसका हवाला देते हुए ही हड़ताल को अवैध करार दिया गया.

नर्सों की प्रमुख मांग ये हैं : –

नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से उच्च स्तरीय वेतनमान, पुरानी पेंशन लागू करने, कोरोना में शहीद हुई नर्सों के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति देने, 2018 आदर्श भर्ती नियम में संशोधन करने, मेडिकल कॉलेजों में मेल नर्स की भर्ती करने की मांग की जा रही है।                                                                                                                                                                                                                              

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