किसान आंदोलन:- 9वीं बैठक भी बेनतीजा, सिर्फ मिली तारीख, किसानों का कहना "मरेंगे या जीतेंगे", 

किसान आंदोलन:- 9वीं बैठक में भी बेनतीजा, सिर्फ मिली तारीख, किसानों का कहना “मरेंगे या जीतेंगे”, 

नई दिल्ली/गरिमा श्रीवास्तव:– कृषि कानून के खिलाफ कल 9वें दौर की बैठक हुई. और यह बैठक भी बेनतीजा साबित हुई. किसानों की मांग को लेकर सरकार ने साफ कह दिया कि कृषि कानूनों को ख़त्म नहीं किया जाएगा.

 केंद्रीय कृषि मंत्री ने बैठक में आते हैं यह बात कह दी कि कानून रद्द करने पर बात नहीं की जाएगी. इसके बाद किसानों ने बात करने से इंकार कर दिया..

 कृषि मंत्री ने किसानों को नए कानून के प्रावधान पर चर्चा करने को कहा लेकिन किसान नहीं माने. जिसके बाद बैठक को 3 घंटे में ही खत्म करना पड़ा, यह अब तक की सबसे छोटी बैठक रही. 

 किसान नेताओं का कहना 26 जनवरी को राजपथ पर करेंगे परेड:- 

 बैठक से निकलने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम 26 जनवरी को राजपथ पर परेड करेंगे इसके लिए आने वाले दिनों में कभी भी एक लाख ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं. 

 

 15 जनवरी को होगी अगली बैठक:-

 कल की हुई बैठक में कोई भी परिणाम नहीं निकल पाया. जिसके बाद अब अगली बैठक 15 जनवरी को होगी लेकिन किसानों का पूरा फोकस 26 जनवरी पर रहेगा. 

 11 जनवरी को किसान का संयुक्त मोर्चा आगे की रणनीति बनाएगा तो वहीं 13 जनवरी को लोहड़ी पर किसान संकल्प दिवस मनाया जाएगा. 
 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाया जाएगा. 
 तो ही 26 जनवरी पर राजपथ पर ट्रैक्टर परेड निकाले जाएंगे.. 

 जब किसी मंत्री ने कहा कि कानून वापस नहीं लिया जाएगा तो किसान नेता ने कहा कि हमारे घर वापसी तभी होगी जब इन कानूनों की वापसी होगी. एक किसान नेता ने कहा कि आदर्श तरीका यही है कि केंद्र सरकार को कृषि के विषय पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के सभी आदेशों में कृषि को राज्य का विषय घोषित किया गया है. सरकार ने कहा कि किसी कानून का तो नहीं किया जाएगा इस कानून में जिस पॉइंट पर परेशानियां हैं उसके बारे में चर्चा करें. उनमें संशोधन करने का प्रयास किया जाएगा. 
 सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि अगली तारीख सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में 11 जनवरी को होने वाली सुनवाई को ध्यान में रखते हुए तय की गई है.

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