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Bhopal Desk:Garima Srivastav
तमाम झूठ, सच और बाजीगरी के बीच इंसानियत का रिश्ता सबसे मजबूत होता है. जिसकी मिसाल बने भोपाल के तहसीलदार गुलाब सिंह।
तहसीलदार गुलाब सिंह ने एक कोरोना संक्रमित मृतक को मुखाग्नि देकर इंसानियत की बहुत बड़ी मिसाल पेश की है. भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती सुजालपुर निवासी प्रेम सिंह मेवाडा की कोरोना की वजह से 2 दिन पूर्व मृत्यु हो गई थी. पर परिवार के सदस्यों ने ही प्रेम सिंह मेवाडा की मृत शरीर को मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया. यहां तक कि उसके बेटे ने भी अपने मृतक पिता को मुखाग्नि देने से साफ मना कर दिया.
पर कहा जाता है कि इंसानियत का रिश्ता सबसे मजबूत होता है. तहसीलदार गुलाब सिंह ने परिजनों के मना करने के बाद पूरे विधि विधान से प्रेम सिंह मेवाड़ा को मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार किया.
आपको बता दें कि प्रेम सिंह के इलाज के दौरान बेटा संदीप मेवाड़ा और साले के साथ अस्पताल में मौजूद था पर जब प्रेम सिंह की मृत्यु हो गई तो बेटे ने मृत शरीर को लेने से साफ इनकार कर दिया. यहां तक कि मृतक का शरीर दो दिनों तक मरचुरी में ही पड़ा रहा.
और बेटे ने लिखकर दे दिया कि वह अंतिम संस्कार में कोई सहयोग नहीं करेगा. पर तहसीलदार गुलाब सिंह ने मानवता की मिसाल पेश कर पूरे विधि विधान से प्रेम सिंह मेवाड़ा का अंतिम संस्कार किया.