Viral Video पर सियासी घमासान:- भाजपा के नेता कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कर रहे हैं डर्टी पॉलिटिक्स:- कमलनाथ

Viral Video पर सियासी घमासान:- भाजपा के नेता कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कर रहे हैं डर्टी पॉलिटिक्स:- कमलनाथ

भाजपा के नेता कांग्रेस के खिलाफ कर रहे हैं डर्टी पॉलिटिक्स:- कमलनाथ

 भोपाल गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने पर अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ(Kamalnath) ने केस दर्ज होने की बात को लेकर भाजपा नेताओं पर निशाना साधा है. और कहा है कि भाजपा के नेता कांग्रेस नेताओं के खिलाफ डर्टी पॉलिटिक्स कर रहे है

 जानिए कमलनाथ ने क्या कहा:

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर दर्ज हुए प्रकरण की कड़ी निंदा करता हूँ।
भाजपा सरकार प्रदेश में निरंतर कांग्रेस के नेताओ पर दमनकारी कार्यवाही कर अपनी विद्वेष व दुर्भावना वाली सोच को प्रदर्शित कर रही है।
सरकारें आती जाती रहती है लेकिन भाजपा प्रदेश में एक ग़लत परंपरा को जन्म दे रही है।
भाजपा से जुड़े लोग कांग्रेस के नेताओ के ख़िलाफ़ निरंतर डर्टी पॉलिटिक्स कर उनकी छवि बिगाड़ने का काम करते  है वो एक  वायरल विडीओ पर दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ झूठी शिकायत कर रहे है।
यदि कोई विडीओ एडिटेड है तो कार्यवाही एडिटेड विडीओ बनाने वाले के ख़िलाफ़ होनी चाहिये लेकिन दिग्विजय सिंह पर कार्यवाही समझ के परे है ?
https://twitter.com/OfficeOfKNath/status/1272407241560256513?s=19

 बता दें कि रविवार सुबह सोशल मीडिया पर सीएम शिवराज सिंह चौहान का एक 10 सेकंड वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में सीएम आबकारी अमले पर भड़के और कह रहे हैं कि दारू इतनी फैला दो कि पीए और पड़े रहें। सीएम शिवराज का ये वीडियो वायरल होते ही प्रदेश में बवाल मच गया। 

हालांकि, जांच में पता चला कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई हैं। 

इधर, बीजेपी ने इस वीडियो को वायरल करने के मामले में पूर्व मुखयमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 500, 505(2) और 465 के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं।

 जिसके बाद दिग्विजय सिंह(DigvijaySingh) ने भी ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दर्शाई है, और कहा है किमैंने शिवराज सिंह चौहान के इलाके में आदिवासियों को ठगने का प्रकरण उठाया था, उसी से डरकर भाजपा ने मेरे ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया है। मैं मांग करता हूं कि चिटफंड कंपनी के खिलाफ दर्ज FIR की तत्काल जांच हो।fake video में जांच करानी ही है तो उसकी कराएं जिसने ये फर्जी वीडियो बनाया है।