महिला अतिथि विद्वानों ने "शिव राज" और "महा राज" को राखी भेज की नियमितीकरण की मांग 

आंखों में आंसू,  मन में पीड़ा,भेज रहीं भाई शिवराज/महाराज को राखी महाविद्यालयीन अतिथि विद्वान

 महिला अतिथि विद्वानों ने “शिव राज” और “महा राज” को राखी भेज नियमितीकरण का वादा निभाने की मांग की, 

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- एक तरफ़ जहां पूरे प्रदेश में रक्षबंधन की खुशियां हैं उत्साह हैं प्रदेश की बेटियां बहने खुशी मना रही हैं तो एक तरफ़ पिछले 25 वर्षों से मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षित बेटियां आज भी दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं,हा बात हो रही है ऐसे वर्ग की जो नेट/पीएचडी जैसे डिग्री लिए हुए पूरे उच्च शिक्षा को ऊंचाई दिए और अपनी जिंदगी का गोल्डन समय प्रदेश के उच्च शिक्षा में समर्पित कर दिए ये है महिला अतिथि विद्वान जो प्रदेश की बेटियां है बहने है बहू हैं।लेकिन दुर्भाग्य की बात है सरकार आई गई बड़े बड़े वादे हुए दावे हुए लेकिन इस तरफ़ आज तक कोई भी सरकार कोई भी मुख्यमंत्री ध्यान नहीं दिए सिर्फ़ इनका उपयोग किए वोट बैंक के लिए,विपक्ष में रहते हुए दर्द वेदना पीड़ा दिखती है और जैसे ही सत्ता मिलती है कुर्सी मिलती है तो भूल जाते हैं


महाराज व शिवराज को भेज रहीं हैं प्रदेश भर की महिला अतिथि विद्वान राखियां
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा की सदस्य ड्रा चेतना शर्मा ने कहा कि हम लोगों को पिछले 15 वर्षों से सरकार में भाई शिवराज जी थे लेकिन कभी भी वो प्रदेश के अतिथि विद्वानों की सुध नहीं लिए इसके बाद कमलनाथ जी की सरकार बनी वो गीता कुरान को शाक्षी मानकर वचन दिए की सरकार आते ही नियमित करेंगे लेकिन नियमितीकरण तो दूर हजारों अतिथि विद्वानों को बाहर का रास्ता ही दिखा दिए लेकिन भाई शिवराज सिंह चौहान जी हमारे बहुचर्चित आंदोलन में आए थे हमसे वादा किए थे कि सरकार बनते ही बीजेपी की हम आप सभी बाहर हुए विद्वानों को अंदर लेते हैं नियमित करेंगे,उसी कड़ी में 130 दिन सरकार के हो गए हैं लेकिन अभी तक एक भी कदम भाई शिवराज नहीं उठाए हैं।हम सब प्रदेश भर की महिला अतिथि विद्वानों ने राखी भेजी है कि आप वादा निभाएं और नेट पीएचडी जैसे योग्यता धरी 25 वर्षों से उच्च शिक्षा की रीढ़ सभी अतिथि विद्वानों को व्यवस्था में लेते हुए नियमित करें,राखी की लाज रखिए भाई शिवराज सिंह चौहान.. 

फालेन आउट अतिथि विद्वानों का दर्द समझो मेरे भाई महाराज/शिवराज,लाज रखें राखी की:-  
आज प्रदेश की बेटियों की इस हालत को देख कर कौन अपने बेटियों को उच्च शिक्षा में भेजेगा क्योंकि पिछले 25 वर्षों से महिला अतिथि विद्वानों की आर्थिक और बदहाल स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है।संघ के सदस्य ड्रा लक्सरी दास ने ने कहा कि आज कई विद्वान तो स्वर्ग सिधार गए नियमितीकरण के इंतजार में अब हमारी आखिरी उम्मीद भाई महाराज,शिवराज और उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव से है कि वो हम सभी बाहर हुए अतिथि विद्वानों को व्यवस्था में लेते हुए नियमित करें।इसी तारतम्य में हम सभी महिलाएं राखी भेज रहे हैं।अब रखीं की लाज बचाओ महाराज,शिवराज और मोहन।

 अतिथि विद्वानों ने कहा कि हम सभी फॉलन आउट अतिथि विद्वानों तत्काल सेवा में बहाली करते हुए उप चुनाव से पूर्व नियमित करें. राखी पर अतिथि विद्वान बहनों की लाज रखें. 

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