
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में बीते कई दिनों से शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार (Shivraj Cabinet Expansion) को लेकर अटकलें तेज़ हैं। हालांकि, शिवराज सरकार (Shivraj Government) को सत्ता में आए हुए करीब करीब 3 माह होने वाले हैं। लेकिन अब तक कैबिनेट का विस्तार नहीं हो पाया हैं।
दरअसल, सीएम शिवराज (CM Shivraj) चाहते थे कि उनके समर्थित चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हो लेकिन केंद्रीय नेतृत्व उसके लिए तैयार नहीं था। अब जब शिवराज दिल्ली (Delhi) जाएंगे तब आमने-सामने बैठकर इस बात की सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे कि आखिरकार किन चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिले।
इधर, मंत्री पद के दावेदारों का सब्र भी अब जवाब देता नजर आ रहा हैं। वहीं, इन सबके बीच पूर्व मंत्रियों ने अपना दावा मज़बूत करने के लिए परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्री बनाए जाने की मांग उठा दी हैं। पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा (Surendra Patwa) ने एक मीडिया चैनल (Media Channel) से बात करते हुए कहा कि विधायकों के परफॉरमेंस पर उनको मंत्री पद में वरीयता देनी चाहिए।
दरअसल, सिंधिया (Scindia) समर्थकों के आने के बाद बीजेपी के कई दिग्गजों का मंत्री पद से पत्ता काटता हुआ नज़र आ रहा हैं। यहीं वजह है कि अब पूर्व मंत्रियों ने दावेदारी मजबूत करने के लिए परफॉर्मन्स (Performance) की बात शुरू कर दी हैं।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा (Surendra Patwa) ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार करना सीएम शिवराज (CM Shivraj) का विशेषाधिकार है। लेकिन मंत्री बनाने का आधार कहीं ना कहीं विधायकों की परफॉर्मेंस होगा। सुरेंद्र पटवा के इस बयान ने सीएम शिवराज की मुसीबत को और बढ़ा दिया हैं। वहीं, सिंधिया खेमे में भी खलबली मची हुई हैं। अब देखना दिलचस्प हो गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज इस मुसीबत से कैसे निपटते हैं।