पाले से खराब हुई फसल को कचरा कहना नायब तहसीलदार को पड़ा महंगा, निलंबित

पाले से खराब हुई फसल को कचरा कहना नायब तहसीलदार को पड़ा महंगा, निलंबित
सागर/गरिमा श्रीवास्तव :- किसानों की पाले से ख़राब हुई फसल को कचरा कहने वाले नायब तहसीलदार को राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वीडियो देखने के बाद निलम्बित कर दिया
पूरा मामला:-
तुषार के कारण बर्बाद हुई फसल का सर्वे कराकर आर्थिक मदद किए जाने की मांग को लेकर विधानसभा क्षेत्र सुरखी के किसानों ने 1 हफ्ते के भीतर सोमवार को जैसीनगर तहसील में तीसरा ज्ञापन दिया। उन्होंने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर बताया कि तुषार की वजह से उनकी चना, मसूर और गेहूं की फसल खराब हो गई हैं। खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर उचित आर्थिक सहायता देने जाने की मांग की।
किसानों से बोले नायब तहसीलदार कचरा हटाओ यहां से
नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते समय हाथों में फसल लेकर पहुंचे किसानों के हाथों से गेहूं की फसल के कुछ बालियां गिर गई। जिसको देख नायब तहसीलदार नाराज होकर किसानों से कहने लगे कि कचरा हटाओ यहां से। नायब तहसीलदार की बात सुनकर किसान भड़क गए। किसानों का कहना था यह उनकी फसल है कोई कचरा नहीं। हालांकि बाद में किसानों ने फर्श पर बिखरी बालियों को समेट लिया।
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वहीं, इस मामले में जैसीनगर नायब तहसीलदार एलपी अहिरवार का कहना है कि किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन से वरिष्ठ अधिकरियो को अवगत करा दिया गया है जो भी निर्देश आएंगे कार्यवाही की जायेगी।जिसके बाद आज मंत्री ने वीडियो देखने के बाद नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया है.
बता दे कि प्रशासनिक स्तर पर अब तक फसल का सर्वे न होने के कारण किसान फसल को हाथ में लेकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि अधिकारी फसल देखकर स्वयं अंदाजा लगा लें कि सर्वे की जरूरत है अथवा नहीं।




