आपदा में अमानवीयता का अवसर ढूंढती शिवराज सरकार, मास्क में मुनाफाखोरी, N-95 मास्क के नाम पर बड़ी लूट 

आपदा में अमानवीयता का अवसर ढूंढती शिवराज सरकार, मास्क में मुनाफाखोरी, N-95 मास्क के नाम पर बड़ी लूट 

 इंदौर / गरिमा श्रीवास्तव:– मध्यप्रदेश में एक तरफ जहां शिवराज सरकार यह बात कहती है कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति को काबू करने में हम सक्षम हैं. जनता को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं. पर यहां तो बात कुछ और ही है. n95 मास्क के नाम पर बड़ी मुनाफाखोरी का मामला सामने आया है. 
इंदौर में आपदा में अमानवीयता का अवसर शिवराज सरकार ने ढूंढ निकाला है. 

 ₹30 के मास्क पर ₹249 एमआरपी लिखकर बड़ा मुनाफा कमाया जा रहा है.
– एन-95 मास्क के नाम पर लूट लगातार जारी है. 
यह मास्क एमआरपी से 8 गुना महँगे बेचे जा रहे हैं. 
– पल्स ऑक्सीमीटर भी 2-3 गुना महँगे हो चुके हैं. 
– दवाइयों में भी ख़ूब मुनाफ़ाख़ोरी की जा रही है. 

शिवराज के इस सरकार में महामारी में भी महालूट जारी है.
 जाने आने वाले दिनों में और क्या क्या होने वाला है..

कलेक्टर मनीष सिंह ने भी रेमडेसिविर इंजेक्शन पर 20 फीसदी मुनाफा लेने की एडवाइजरी जारी की थी। क्वालिटी ड्रग संचालक डॉ. मकरंद शर्मा कहते हैं कि लैब, अस्पताल, दवा दुकान मुनाफा कम कर लें तो इलाज का खर्च 50 फीसदी तक कम हो सकता है।
 अब प्रदेश में नगर निगम निकाय चुनाव की तैयारियां भी जोरों शोरों पर हैं.. जब मध्य प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान होता है तब यहां पर कोरोना के आंकड़े नया रूप ले लेते हैं. जैसे उपचुनाव के पहले मध्यप्रदेश में कोरोना का संक्रमण बहुत तेजी से फैला था पर जैसे ही उप चुनाव की तारीखों की घोषणा हुई आंकड़ों में सुधार आ गए. एक बार फिर से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान होते मध्य प्रदेश में कोरोना के आंकड़ों में फिर से सुधार आ सकते हैं., क्योंकि यह सारे आंकड़ों के स्थितियां सरकार पर निर्भर करती हैं. सरकार जब चाहे आंकड़े बदल सकती है..
 जाने आने वाले दिनों में प्रदेश में और क्या क्या होने वाला है..

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