बसों की चेकिंग करने सड़कों पर उतरे परिवहन मंत्री गोविंद सिंह गायब, 32 सीटर बस में बैठे 60 यात्री 10 छत पर सवार 

मध्यप्रदेश/दतिया – सीधी बस हादसे में कई लोगों की जान जाने के बावजूद जिला परिवहन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है और जिले में ओवरलोड बसों की रफ्तार जस की तस हैं। न ही उन पर कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही ओवरलोडिंग रोकी जा रही हैं। मामला मध्यप्रदेश के दतिया जिले से सामने आया हैं। जहां एक 32 सीटर बस में अंदर 60 यात्री थे। इतना ही नहीं बस के अंदर जगह न होने पर यात्री उसकी छत पर भी बैठे नज़र आए। 

खास बात ये है कि हालही में हुए सीधी बस हादसे के बाद खुद परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बसों की जांच के लिए सड़कों पर उतरे थे। जिसके बाद कुछ बसों का परमिट रद्द किया गया तो कई बसों सिर्फ जुर्माना या समझौता शुल्क लेकर छोड़ा गया। परिवहन विभाग का अमला ऐसी बसों के परमिट रद्द या निलंबित करने का अधिकार नहीं होने की बात कहकर सिर्फ चेकिंग का दिखावा कर रहा हैं। 

मालूम हो की बीती मंगलवार को सीधी में हुए बस हादसे में 53 लोगों की दुःखद जान चले गई। जबकि गुरूवार को बम्हनी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरिया गांव के नजदीक एक ओवरलोड बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस भी 30 सीटर थी जिसमें 70 से अधिक यात्रियों को ठूूंस ठूंसकर बिठाया गया था। गनीमत रहीं के किसी की जान नहीं गई। 

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