MP: वीडियो के जरिये भांजियों ने की मामा से अपील, कहा सड़के ठीक करवा दें, स्कूल जाकर पढ़-लिखकर बनना चाहते हैं डॉक्टर 

MP: वीडियो के जरिये भांजियों ने की मामा से अपील, कहा सड़के ठीक करवा दें, स्कूल जाकर पढ़-लिखकर बनना चाहते हैं डॉक्टर 
  • स्कूल छात्राओं ने की शिवराज मामा से सड़के ठीक करवाने की अपील 
  • मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़को की तुलना अमेरिका से करते है लेकिन सच्चाई कुछ और है 

उमरिया/निशा चौकसे:- इन दिनों उमरिया जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने हड़कंप मचा रखा है, कुछ छात्राओं ने अपने स्कूल आने जाने कि समस्या को एक वीडियो बनाकर सोशल साईट पर अपलोड करते हुए मांग की है, छात्राओं ने शिवराज मामा के नाम से वीडियो अपलोड किया और वीडियो में अपील किया कि मामा और उमरिया जिले के कलेक्टर साहब हमें स्कूल जाने के लिए सड़क नही है कीचड़ और मलबा होने के कारण हम लोग हफ्तो स्कूल नही जा पाते हैं, यहां सड़क बनवा दें ताकि हम पढ़ सकें, हम पढ़ कर डॉक्टर बनना चाहते हैं. 

भांजियों और ग्रामीणों ने की मामा से गुजारिश 
भांजियां अपने जिले के कलेक्टर और शिवराज मामा से करुण पुकार कर स्कूल जाने के लिए सड़क बनवाने को कह रही है कि मामा हमें स्कूल जाने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसका कारण है सड़क का न होना. वायरल वीडियो की पड़ताल करने जब मीडिया ने उस गांव का दौरा किया जहां सड़क की स्थिति और जिला प्रशासन की अनदेखी दोनों देखने को मिली जो सच है. ग्रामीणों का कहना है कि हम 1995 से यहां रहते हैं और रास्ता बनवाने की लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला ही नही है। तो वहीं गांव के बड़े दिल वाले आदिवासी किसान सबकी भलाई के लिए अपनी जमीन तक दान में दे रहे हैं, उसके बाद भी किसी के कान जूं तक नही रेंग रही है।

मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़को की तुलना अमेरिका से करते है
अब इस पर राजनीतिक रोटियां भी सिकनी चालू हो गई है. गांव के स्थानीय भाजपा नेता का कहना है कि ये सड़क बनाना मेरे कार्यकाल का नही है तो हम इसकी पहल कहां करें तो वही कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा वादा करने का पुलिंदा है जो कहती है वह कभी पूरा नही करती. कांग्रेस ने मामा की भांजियों द्वारा की गई अपील को जायज ठहराते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सड़को की तुलना अमेरिका से करते है, जिसकी सच्चाई सबके सामने है. गौरतलब है कि जिले के अधिकारी इस मामले में बात करने को तैयार नहीं है, ऐसा लगता है कि जानबूझकर इन बच्चियों को परेशान किया जा रहा है, जबकि दूसरे पंचायतों में देखें तो 1 घर के लिये 50 लाख की सड़क बना कर पैसों का बंदरबांट किया गया है.