गोविंद सिंह के मंत्री बनने से गोपाल भार्गव का कटा पत्ता? भाजपा में बढ़ी अनबन, ये दिग्गज भी हो सकते है नाराज़!

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल (Shivraj Cabinet) को लेकर चर्चा अभी भी ज़ोरो पर हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और उनके समर्थकों के बीजेपी (BJP) में शामिल हो जाने के बाद बीजेपी इन्हें एडजस्ट करने में जुटी हुई हैं। हालांकि, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि उनके सभी समर्थकों को मंत्री बनाया जाएगा।
इधर, सिंधिया के आने से बीजेपी में भी अंधुरनी अनबन शुरू हो गई हैं। कई दिग्गजों के नाम मंत्रिमंडल से हटाए जा सकते हैं। जिसको लेकर बीजेपी नेताओं में आक्रोश और निराशा बढ़ सकती हैं।
फ़िलहाल शिवराज कैबिनेट में 5 मंत्री हैं। उम्मीद जताई जा रहीं है कि 22 से 24 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। जिनमें से सिंधिया समर्थकों मंत्रियों की कुल संख्या 10 हो सकती हैं। ऐसे में बीजेपी के करीब करीब 12 मंत्री ही बन सकते हैं। जबकि अभी करीब 40 दावेदार ऐसे है जो मंत्री बनने की चाह रखते हैं।
चार जिले जिन पर फंस रहे है पेंच
सागर, रीवा, इंदौर और मंदसौर जिले से मंत्रिमंडल में नाम शामिल करने को लेकर मशक्कत करना पड़ रही है। इंदौर जिले से तुलसी सिलावट अभी मंत्री है, ऐसे में अब वहां से ऊषा ठाकुर, मालिनी गौड़ और रमेश मेंदोला के नाम भी हैं। संगठन किसी एक को मंत्री बनाता है तो वहां भी नाराजगी बढ़ सकती हैं।
रीवा में राजेंद्र शुक्ला के साथ ही नागेंद्र ङ्क्षसह, गिरीश गौतम और दिव्यराज सिंह तगड़े दावेदार माने जा रहे हैं।
सागर से अभी गोविंद सिंह राजपूत मंत्री हैं। यहां से भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव दो बड़े दावेदार हैं, लेकिन प्रदीप लारिया अनुसूचित जाति कोटे से तो शैलेंद्र जैन, जैन समाज के कोटे से दावेदारी कर रहे हैं। लारिया और शैलेंद्र भी अनुभवी विधायक हैं।
जबकिं, मंदसौर से हरदीप सिंह डंग को मंत्री बनाने पर मंदसौर-नीमच से जगदीश देवड़ा, यशपाल ङ्क्षसह सिसोदिया, ओमप्रकाश सकलेचा जैसे बड़े दावेदार भी दबाव बना रहे हैं।
अब कहा ये जा रहा है कि सीएम शिवराज अपने कैबिनेट में मंत्रियों के नाम और विभाग फाइनल करने के लिए 17 मई के बाद दिल्ली जाकर केंद्रीय संगठन के साथ मंत्रणा कर सकते हैं। इसका बाद ही इसका विस्तार संभव हैं।




