
भोपाल : मध्यप्रदेश के सतना ज़िले की रैगांव सीट पर इसी महीने 30 अक्टूबर को उप चुनाव होना है। ये सीट बीजेपी विधायक जुगलकिशोर बागरी के निधन के कारण खाली हुई है। उनका कोरोना के काऱण निधन हो गया था। यहां उप चुनाव होना तय था। तभी से उनके दोनों बेटों ने टिकट के लिए दावेदारी और लॉबिंग शुरू कर दी थी।
बताया जा रहा है कि जुगलकिशोर बागरी के दोनों बेटे टिकट के प्रबल दावेदार थे। बड़े बेटे पुष्पराज अपने लिए और छोटा बेटा देवराज अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे थे। लेकिन पार्टी ने दोनों के बजाए तीसरी कैंडिडेट प्रमिला बागरी को यहां से अपना उम्मीदवार बना दिया है, जिसके बाद जुगलकिशोर बागरी के दोनों बेटों में आक्रोश दिखा।
यहीं वजह है कि इस सीट पर उप चुनाव लड़ने के लिए के बागरी के बड़े बेटे पुष्पराज बागरी ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने निर्दलीय के तौर पर पर्चा भरा हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार को पुष्पराज बागरी नामांकन पत्र लेने पहुंचे थे और शुक्रवार को उन्होंने निर्दलीय के तौर पर पर्चा भी भर दिया।
इस दौरान समर्थकों की भीड़ के साथ आए पुष्पराज-पुष्पराज बागरी के साथ उनका छोटा भाई देवराज सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जिला निर्वाचन कार्यालय पहुंचा और पर्चा दाखिल कर दिया। जिसके बाद लगता है पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है। गौरतलब है कि रैगांव विधानसभा सीट के लिए हुए टिकट वितरण ने बागरी परिवार को एक कर दिया है। लेकिन बीजेपी में बगावत के सुर दिख रहे हैं।
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