
मध्यप्रदेश / होशंगाबाद : भारतीय हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर 41 साल बाद टोक्यो ओलिंपिक में पदक हासिल किया , बता दें की टीम में मध्यप्रदेश के इकलौते खिलाड़ी विवेक सागर भी शामिल थे | जीत के बाद विवेक सागर ने कहा “भारत ” के लिए पदक जीता , अब “माता ” के लिए आलीशान आशियाना बनाऊंगा | चांदौन गॉव में रहने वाले विवेक सागर के घर की छत टीन की है जो की बारिश में टपकती है |
विवेक ने कहा की फिलहाल में उनका पूरा परिवार सीमेंट के टीन वाले घर में रहता है , और अब वह एक आलीशान घर खरीदना चाहते हैं जिसमे की उनका पूरा परिवार एक आलीशान जिंदगी जी सके , पदक जीतने के बाद उन्हें मध्यप्रदेश सरकार से मिलने वाली 1 करोड़ रूपए की सम्मान राशि से वे अपनी माँ को घर खरीद कर तोहफे में देना चाहते हैं, साथ ही विवेक ने यह भी कहा की वे जरूरतमंद खिलाडियों की मदद भी करेंगे ताकि उनकी तरह किसी को संघर्ष न करना पड़े |
हालाँकि विवेक के पिता को उनका हॉकी खेलना पसंद नहीं था. इस पर उनके पिता खुद कहते हैं कि कई बार इसी वजह से विवेक की घर में पिटाई भी हुई है. हालांकि, उनकी मां और बड़े भाई ने विवेक का पूरा समर्थन किया है. कई बार जब विवेक हॉकी खेलने जाता था, तो उनकी मां झूठ बोल देती थी. लेकिन जब विवेक बड़े स्तर पर खेलने लगे तो उनके पिता भी उनका समर्थन करने लगे थे |
बता दें कि विवेक ने जब खेलना शुरू किया था, तब उनके घर के आर्थिक हालात ज्यादा अच्छे नहीं थे. इस वजह से उन्होंने अपने दोस्तों से हॉकी मांगकर इस खेल को खेलना शुरू किया था. इस दौरान उनके दोस्तों ने उन्हें हॉकी स्टिक दी थी लेकिन ये स्टिक टूटी हुई थी | विवेक चाहते हैं जितना संघर्ष उन्होंने किया अन्य कोई खिलाड़ी को इतना न झेलना पड़े इसलिए वह हर संभव मदद भी करेंगे |