
भोपाल : मंगलवार को विधानसभा में पूर्व मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता जीतू पटवारी के द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में बड़ी बात सामने आई। दरअसल, कल सदन में व्यावसायिक परीक्षा मंडल और बेरोजगारों का मुद्दा उठा।
बेरोजगारों का जब मुद्दा उठा तो ये बात सामने आई की साल 2021-22 के आर्थिक सर्वेक्षण में 5.51 लाख बेरोजगार प्रदेश में बढ़े हैं। इसमें शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2020 के अंत तक रोजगार कार्यालय में 24.72 लाख रजिस्ट्रेशन हुए। रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 2021 के अंत तक बढ़कर 30.23 लाख हो गई है।
वहीं, दूसरी तरफ इस बात का भी खुलासा हुआ की व्यापमं को पिछले 10 सालों में 1046 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई है। तमाम कार्यों में 502 करोड़ रुपए खर्च हुए। 404 करोड़ रुपए की बैंक में FD (फिक्सड डिपॉजिट) जमा है। FD के ब्याज से हर साल फ्री में परीक्षा कराई जा सकती है।
इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि राज्य सरकार से मांग की के राजस्थान सरकार की तरह यहां भी बेराेजगारों से परीक्षा फीस लेना बंद किया जाए। परीक्षाएं नि:शुल्क ली जाए। आगामी परीक्षा में भी शुल्क ना लेने की व्यवस्था बनाई जाए।
पटवारी ने बताया कि पिछले पांच साल में सिर्फ भर्ती परीक्षाओं की बात करें तो इससे 238 करोड़ से ज्यादा की आमदनी व्यापमं को हुई। व्यापमं हर साल कई प्रवेश परीक्षाएं और भर्ती एग्जाम आयोजित करता है। इसमें लाखों छात्र और बेरोजगार शामिल होते हैं। सब रोजगार की आशा में अपने माता-पिता से फीस मांग कर परीक्षा में बैठते हैं। बाद में उनको पता चलता है कि जिस सीट या जिस पद के लिए वे परीक्षा दे रहे थे, वह तो भाजपा की सरकार पहले ही बेच चुकी है।