
मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश में भले ही अभी नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ हो, लेकिन उस से पहले प्रदेश की दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी ने इसकी तैयारी तेज़ कर दी हैं। दोनों ही पार्टियां निकाय चुनाव में जीत की उम्मीद के साथ पूरा जोर लगा रही हैं। जबकि, साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी दोनों दलों की नज़रे हैं।
यहीं वजह है की कांग्रेस और बीजेपी अपने विधायकों को ट्रेनिंग देने जा रही हैं। कांगेस ने अपने विधायकों की ट्रेनिंग करने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस अपने विधायकों को खजुराहो लेकर जाएगी। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी के नेता विधायकों को ट्रेनिंग देकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। विधायकों को सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर जनता के बीच जाने, निकाय चुनाव में एकजुट होकर लड़ने, किसानों और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के विषयों पर ट्रेनिंग दी जाएगी। हालांकि कांग्रेस ने तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया हैं।
वहीं, बीजेपी का कैंप 12-13 फरवरी को उज्जैन में लगेगा। पहले यह 13 व 14 फरवरी को पचमढ़ी में आयोजित किया जा रहा था, लेकिन होटल व रिसार्ट खाली नहीं होने के कारण इसे उज्जैन में करने का निर्णय गया हैं। दरअसल, 2018 के विधानसभा चुनाव में मिली हार से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश बीजेपी अभी से अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी में लग गई हैं। इसके लिए बीजेपी ऐसी रणनीति बना रही है, जिससे कि 2023 तक प्रदेश से कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।
बीजेपी के विधायकों को नैतिक शिक्षा और व्यक्तिगत प्रबंधन की शिक्षा देने के लिए उज्जैन में 13-14 फरवरी को 2 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर होने जा रहा हैं। इसमें 'मिशन 2023' (अगला विधानसभा चुनाव) की रणनीति और 22 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में विधायकों की भूमिका तय करने पर फोकस रहेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पहल पर बनाया गया हैं।