
भोपाल/ खाईद जौहर : मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनावों से पहले एक बार फिर प्रदेश में सियासी हलचल तो तेज़ हुई ही है, साथ ही नेताओं के दल बदलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
बता दे कि पूर्व मंत्री और दिग्विजय सिंह की करीबी जोबट से कांग्रेस की पूर्व विधायक सुलोचना रावत और उनके बेटे विशाल रावत ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया, और भाजपा का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में वे बीजेपी में शामिल हुईं।
बताया जा रहा है कि सुलोचना रावत कांग्रेस से भी टिकट की दावेदार थीं लेकिन फिलहाल वह इस रेस में पिछड़ती दिखाई दे रहीं थी। ऐसा माना जा रहा है कि वो अपने और अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए भाजपा में शामिल हुई है।
ख़ास बात ये भी है कि सुलोचना रावत का आदिवासी मतदाताओं में अच्छा-खासा होल्ड है। यह सीट आदिवासी बहुल है और यहां 97 फीसदी वोटर आदिवासी है। ऐसे में माना जा रहा है कि आदिवासी बहुल सीट जोबट से भाजपा सुलोचना रावत या फिर उनके बेटे विशाल रावत को टिकट दे सकती है।
गौरतलब है कि कोरोना से कांग्रेस की विधायक कलावती भूरिया के निधन के कारण जोबट उपचुनाव होना है। कांग्रेस इस सीट को अपने खाते में मान कर चल रही थी लेकिन सुलोचना रावत के बीजेपी में जाने से अब समीकरण बदल सकते हैं, इस बात की पूरी संभावना है।