जबलपुर : मंत्री पद न मिलने पर फिर छलका पूर्व मंत्री अजय विश्नोई का दर्द, सीएम को पत्र लिखकर कही बड़ी बात, मची खलबली

मध्यप्रदेश/जबलपुर – बीती गुरुवार को शिवराज मंत्रिमंडल (Shivraj Cabinet) का विस्तार हुआ। जिसमें कांग्रेस छोड़ कर आए लोगों का बखूबी ध्यान रखा गया। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थकों को मंत्री पद दिया गया। जिसके कारण भाजपा (BJP) के कई दिग्गजों का पत्ता कट गया। कई विधायकों की आस पर पानी फिर गया।
इसके अलावा इस बार जबलपुर (Jabalpur) से भी किसी को मंत्री पद नहीं दिया गया हैं। जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ हैं। सभी की उम्मीदों में पानी फिर गया और जबलपुर के एक विधायक तक को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल सका। जिसकों लेकर जबलपुर से भाजपा के समर्थकों में निराशा हैं।
दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले शहर से इकलौते विधायक अशोक रोहाणी (Ashok Rohani) और ग्रामीण विधानसभा पाटन के विधायक अजय विश्नोई (Ajay Vishnoi) के मंत्री बनने के नामों की चर्चाएं जोरो पर थी। लेकिन मंत्रिमंडल की घोषणा होने के बाद ये चर्चाएं सिर्फ चर्चा ही रह गई।
जबकि, अब इसको लेकर दिग्गज विधायक व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई का दर्द धीरे धीरे सामने आ रहा हैं। उन्होंने इसे लेकर सीएम शिवराज (CM Shivraj) को एक पत्र भी लिखा था।
पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने हाल ही में बने मंत्रियों से अपील की है कि जो चुनाव (Election) लड़ने वाले हैं, वो कोई मंत्रालय ना लें, नहीं तो वो ना ही चुनाव ढंग से लड़ पाएंगे और ना ही मंत्रालय को समय दे पाएंगे। इससे पूरे प्रदेश का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि कभी भी मंत्रालय के बंटवारे को लेकर खींचतान का माहौल नहीं रहा है, लेकिन वर्तमान में हालात कुछ और है। अभी जो कुछ हो रहा है वो पार्टी की परंपरा के खिलाफ है और इससे पार्टी की छवि खराब भी हो रही।
अजय विश्नोई ने आगे पत्र में सीएम शिवराज से गुजारिश करते हुए लिखा था कि महाकौशल और विंध्य इलाके के विकास के लिए मुख्यमंत्री खुद इन जिलों के प्रभारी बनें जिनसे की विकास की गति बनी रहे। बता दे कि मुख्यमंत्री को प्रभारी बनाने का दांव भी जबलपुर की राजनीति में राकेश सिंह (Rakesh Singh) के कद को कम करने की कोशिश मानी जा रही हैं।
गौरतलब है कि अजय विश्नोई राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं, यदि उन्हें मंत्री पद नहीं दिया गया है, तो तय है कि जबलपुर इलाके की राजनीति में अब लगातार उबाल आएगा।