MP : आउटसोर्स कर्मचारियों में बढ़ता आक्रोश कहा, डरेंगे नहीं, हटाया तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे, मंत्री तोमर ने फिर दिया आश्वासन

भोपाल/खाईद जौहर : मध्यप्रदेश में अब शिवराज सरकार के खिलाफ बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। बता दे कि बिजली कंपनियों में संविलियन, वेतन-भत्ता समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर पांचों कंपनी के करीब 45 हजार कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। ये हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। 

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के आश्वासन के बावजूद उन्होंने लौटने से मना कर दिया है। इधर, कंपनी की अनुशंसा के बाद आउटसोर्स कंपनियां कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का मन बना रही है। इसे लेकर कर्मचारियों ने कहा कि एक को भी हटाया तो प्रदेशभर में भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
मध्यप्रदेश बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रदेश संयोजक मनोज भार्गव ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी कंपनी की रीड़ है, लेकिन उनकी वर्षों से मांगें लंबित है। हड़ताल के चलते कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन डरेंगे नहीं। हटाया तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

वहीं, बिजली कंपनी ने आउटसोर्स कंपनियों को अनुशंसाएं भेजी हैं। इसके बाद कंपनियों ने कर्मचारियों को मौखिक रूप से चेताया है कि वे काम पर लौट जाए। वरना कार्रवाई की जाएगी। बावजूद बुधवार को कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए हैं। भोपाल समेत प्रदेशभर में कर्मचारियों की हड़ताल जारी है।

इन मांगों को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों ने की निश्चितकालीन हड़ताल

बता दे कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एक बार फिर उन्हें आश्वासन दिया है, लेकिन कर्मचारी लिखित आश्वासन पर अड़े है। बिजली कर्मचारियों का कहना है की उन्हें मंत्री के द्वारा एक बार फिर सिर्फ आश्वासन दिया गया है, लेकिन लिखित में कोई बात नहीं कही गई है। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी तब तक उनकी मांगों को नहीं मान लिया जाता।

बिजली कर्मचारियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर उनका प्रतिनिधि मंडल 23 अगस्त को ऊर्जा मंत्री से मिला था, उस दौरान मंत्री ने समस्या का निपटारा कर मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। मंत्री ने आश्वासन दिया लेकिन लिखित में कोई भी मांग अभी तक नहीं मानी, यदि उन्हें लिखित में मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिलता तो कर्मचारी हड़ताल का विकल्प नहीं चुनते।

बता दे कि इस हड़ताल के चलते बिजली संबंधित कामों पर असर पड़ रहा है। कहा जा रहा है कि अगर ये अनिश्चितकालीन हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो बिजली का मेंटेनेंस, राजस्व वसूली, मीटर रीडिंग, बिल वितरण, उपभोक्ता कंप्लेंट, नए कनेक्शन, लाइनों का मेंटेनेंस, फाल्ट फिटरो के साथ सुधार के काम भी प्रभावित हो सकता है।  

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