
भोपाल : मध्यप्रदेश में अब कोरोना की तीसरी लहर की रफ़्तार थम सी गई है। हालांकि, कोरोना के नए नए मरीज़ अभी भी मिल रहे है, लेकिन पाजिटिविटी रेट नीचे आ चुका है, जो इस समय राहत की बात है। मालूम हो कि सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर के आने की आशंका के दौरान ही सारी व्यवस्थाएं बना ली थी। अस्पतालों में बेड की संख्या के साथ साथ ऑक्सीजन की सप्लाई का विषेश रूप से ध्यान रखा गया था।
बता दे कि प्रदेश के 74 सरकारी अस्पतालों को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर्स (डीसीएचसी) में कोरोना मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए थे। इसके साथ सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी सर्विस, लैब टेस्ट सहित बाकी व्यवस्थाओं को अपग्रेड करने के निर्देश भी दिए।
लेकिन अब कोरोना मामलों में आई गिरावट के बाद हेल्थ डायरेक्टर ने आदेश जारी कर प्रदेश के सभी कलेक्टर, सीएमएचओ, सिविल सर्जन को पत्र लिखकर सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए कम से कम बिस्तर आरक्षित करने के आदेश दिए हैं। यानी कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने के पहले सरकारी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए रिजर्व किए गए बेड अब सामान्य मरीजों को मिल सकेंगे। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है।