
मध्यप्रदेश/भोपाल – मध्यप्रदेश सरकार पर पहले से ही 33630 करोड़ रुपए का कर्ज है लेकिन प्रदेश में स्थिति को सुधारने सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कर्ज लेना आवश्यक होता जा रहा हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां ठप्प होती नजर आ रही हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण कई जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया हैैं। ऐसी स्थिति में सरकार वित्तीय कमी का सामना कर रही हैं। यही कारण है की राज्य सरकार एक बार फिर 50 हजार करोड़ रूपए का कर्ज़ लेने जा रही हैं।
दरअसल, बीते दिनों वित्त विभाग के साथ समीक्षा बैठक के दौरान इस बात की जानकारी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कर्ज लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। वहीं, वित्त विभाग ने कहा कि इस साल संक्रमण से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
बता दे कि प्रदेश में कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मध्यप्रदेश सरकार 50 हजार करोड़ रूपए का कर्ज जीडीपी (GDP) के आधार पर मिलने वाली कर्ज लेने की छूट के तहत लेगी।
मालूम हो कि ये पहला मौका नहीं है जब शिवराज सरकार कर्ज़ का सहारा ले रहीं हो, इससे पहले भी सरकार द्वारा हजारों रुपए का कर्ज़ लिया जा चुका हैं। फरवरी महीने में ही शिवराज सरकार ने 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।