
मध्यप्रदेश/ग्वालियर – मध्यप्रदेश में जारी कोरोना संकटकाल के बीच विधानसभा के शीतकालीन सत्र की घोषणा हो चुकी हैं। जिसके तहत मप्र में विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र 28, 29 और 30 दिसंबर को होगा।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र की घोषणा के बाद से ही प्रदेश में बवाल मचा हुआ हैं। कांग्रेस के पूर्व मंत्री एवं दिग्गज नेता डॉ गोविंद सिंह ने इसपर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तीन दिवसीय सत्र पर अप्पति जताई हैं। साथ ही शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं।
अब डॉ गोविंद सिंह की इस अप्पति पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पलटवार किया हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि डॉ गोविंद को चिंता है कि तीन दिन में जनता के मुद्दों पर बात नहीं हो सकती, मैं कहता हूँ 3 दिन में भी जनता से जुड़े मुद्दे उठाये जा सकते हैं लेकिन डॉक्टर साहब पहले ये बताएं कि उनकी पार्टी उनको उनकी ही आवाज उठाने कहाँ दे रही है पहले वे अपनी फिक्र करें बाद में जनता की बात करें।
उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती कोरोना से बचाव हैं। यदि हम सब बचेंगे तभी राजनीति कर पाएंगे।