MP-By-Election : " दिग्विजय सिंह बोले "- डाक मतपत्रों से हुए मतदान को निरस्त करने की मांग, जानें पूरा मामला

MP-By-Election : " दिग्विजय सिंह बोले "- डाक मतपत्रों से हुए मतदान को निरस्त करने की मांग, जानें पूरा मामला

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए डाक मतपत्रों से अब तक डाले गए मत रद्द किए जाएं l

भोपाल /भारती चनपुरिया : - पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग (Election Commission) से मांग की कि मध्यप्रदेश(Madhyapradesh) में 3 नवंबर को होने वाले उपचुनाव(By Election) के लिए डाक मतपत्रों से अब तक डाले गए मत रद्द किए जाएं, क्योंकि आयोग द्वारा उम्मीदवारों को अभी तक ऐसे मतदाताओं की सूची नहीं दी गई है. इससे पहले यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया. बाद में  दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आयोग के अधिकारियों से मिला.l 

दिग्विजय सिंह ने  निर्वाचन आयोग की ये मांग : -                                                                                                             सभी मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की जाए। उन्होंने बताया कि कोरोना काल की वजह से इस बार 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, कोरोना संक्रमित, कोरोना के संदिग्‍ध मरीज और निशक्तजन मतदाताओं को डाक मतपत्र दिए गए हैं। ऐसे मतदाताओं की संख्या 37 हजार से अधिक है, लेकिन उनकी सूची नहीं दी गई है। ऐसे मतदान को निरस्त किया जाए और पहले सूची दी जाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा का यह खेल हम जानते हैं। आयोग में प्रमाण सहित शिकायत की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आगाह किया कि भाजपा के लिए काम करने वाले थाना प्रभारियों पर वे नजर रख रहे हैं और उन्हें चेतावनी देते हैं कि भाजपा के पक्ष में काम करते हुए पकड़े गए तो उनसे निपटा जाएगा। चंबल और ग्वालियर संभाग में पुलिस ज्यादा नेतागीरी कर रही है, इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस पर लगाया ये आरोप : -

इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगाया. चौहान ने ट्वीट में कहा कि अपनी  पराजय से बौखलाकर कमलनाथ और दिग्विजय सिंह  आजकल अधिकारियों और कर्मचारियों को धमका रहे हैं. देख लेंगे, निपट लेंगे, निपटा देंगे जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है.l  चुनाव आयोग से अपील है कि वह स्वत: संज्ञान ले और धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे.l मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के तहत 3 नवंबर को मतदान होना है तथा मतों की गणना 10 नवंबर को होगी.l