
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में उपचुनाव कब होंगे इसका तो किसी को पता नहीं, लेकिन सत्ता में वापसी करने के लिए कांग्रेस जी जान से मेहनत कर रहीं हैं। कांग्रेस का आरोप है की बीजेपी ने साज़िश कर उनकी सरकार गिरा दी। लेकिन सत्ता में वापसी करने के लिए कांग्रेस ने 'मिनी वचन पत्र' जारी करने का फैसला किया हैं। एमपी कांग्रेस घोषणा पत्र को इस बार संकल्प पत्र नाम देगी।
सभी 26 सीटों के स्थानीय मुद्दों पर एक वचन पत्र प्रदेश स्तर पर और फिर 26 विधानसभा क्षेत्रों में वहां के लिए अलग-अलग वचन पत्र जारी होंगे।
कांग्रेस का कहना है कि सत्ता में आने के बाद संकल्प पत्र के वादों के साथ पुराने वचन पत्र के वादे भी पूरे किए जाएंगे। कांग्रेस का दावा है कि 15 माह की सरकार में उसने 100 से ज़्यादा वादे पुरे किये थे, और भी वादे पुरे करते लेकिन भाजपा ने सरकार गिरा दी।
बता दे कि कांग्रेस पार्टी ने पूर्व की तरह अतिथि शिक्षक और अतिथि विद्वानों को नियमित करने का वादा किया हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर सड़क, निर्माण कार्य, पेयजल, सिंचाई, स्कूल, कॉलेज, रोजगार के अवसर देने समेत स्थानीय मुद्दों को घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।