राज्यपाल के पास पहुंचा विधायक शरद कोल का मामला, बीजेपी नेताओं ने कही ये बात

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में मचा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। कमलनाथ सरकार 15 महीनों में गिर चुकी हैं। सीएम कमलनाथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम में विधायकों की अहम भूमिका रहीं। कुछ बीजेपी के विधायकों की कांग्रेस में जाने की बात सामने आई तो कई कांग्रेस के विधायकों ने इस्तीफ़ा देकर बीजेपी का दामन थामा।

लेकिन इन सब के बीच बीजेपी के शहडोल जिले के ब्योहारी से विधायक शरद कोल का मामला राज्यपाल तक पंहुच गया हैं। दरअसल, कमलनाथ सरकार के गिरने से पहले वो इस्तीफा दे चुके थे, जिसे विधानसभा स्पीकर ने मंज़ूर कर लिया था। अब शरद कोल का कहना है कि उनसे इस्तीफा दबाब में लिखवाया गया था। वे बीजेपी के साथ ही हैं। 

वहीं, इस मामले को लेकर बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से शिकायत की है कि शरद कोल का इस्तीफा दबाव में लिया गया था और स्वीकृत होने के पहले ही शरद कोल द्वारा इसे अस्वीकार करने के बारे में पत्र लिख दिया गया था, लेकिन अब विधानसभा अध्यक्ष पक्षपात कर रहे हैं और एक दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं।

आरोप लगाया गया कि एक दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के कारण अब विधायक को स्पीकर द्वारा परेशान भी किया जा रहा है क्योंकि विधानसभा अभी जागृत अवस्था में नहीं है इसलिए अध्यक्ष फैसले नहीं ले सकते और सचिवालय पर दबाव डालकर कुटिल फैसले लिए जा रहे हैं। 

 

Exit mobile version