मप्र को "औद्योगिक राजधानी" की जगह शिवराज ने बना दिया "सट्टा कैपिटल", रोज एक करोड़ का होता है गेम

मप्र को औद्योगिक राजधानी की जगह शिवराज ने बना दिया सट्टा कैपिटल, रोज एक करोड़ का होता है गेम

 भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव :- मध्य प्रदेश को जहां एक तरफ औद्योगिक राज्य बनाने की तैयारी की जा रही थी वही यह औद्योगिक राज्य की जगह सट्टा कैपिटल बनते जा रहा है. मुंबई से ज्यादा भोपाल में सट्टेबाजी होती है. 

 मुंबई से खुलने वाला सट्टा अब भोपाल में खुलने लगा है. सट्टेबाजों को शिवराज सरकार का कोई भी डर नहीं है. खुलेआम सट्टेबाजी कर रहे हैं.. 
 तकरीबन हर रोज करीब 10000000 रुपए तक का गेम खेला जाता है. एक करोड़ से ज्यादा का गेम भोपाल के सटोरिए तारा नाना और पेंटर खोलते हैं जिसके लिए देश भर से कलेक्शन किया जाता है. 

 सट्टा के काले कारोबार पर मुंबई के एकाधिकार को भोपाल ने तोड़ा:

 जिस तरह पहले मुंबई में सट्टेबाजी की जाती थी, अब उस तरह की सट्टेबाजी भोपाल में होने लगी है. सरकार का खौफ इन सटोरियों के अंदर से खत्म हो चुका है. अब तारा और सितारा नाम से खेला जाने वाला सट्टा भोपाल से खोला जा रहा है. सट्टे के नंबर खोलने का काम ऐशबाग इलाके का नाना करता है. बता दें कि एक समय में नाना मामूली सा टेलर हुआ करता था पर आज वह करोड़ पतियों में शुमार है. वही जो नाना का सहयोग किया करता है वह एक हम्माल है पर वह हम्माली छोड़कर अब सट्टा के कारोबार से जुड़ते ही सिर्फ 4 साल में करोड़पति हो गया. 
 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने यह बात कही तो है कि जल्द ही इन सट्टेबाजों की जांच पड़ताल कर कार्रवाई करेंगे पर शिवराज सरकार में जिस तरह से यह सट्टेबाज बिना किसी खौफ के सट्टेबाजी कर रही हो उसे देखकर ऐसा तो नहीं लग रहा है कि उनके अंदर पुलिस का जरा भी डर है. कुख्यात सटोरिए नाना के खिलाफ तो थाने में मामला भी दर्ज है पर फिर भी उसका पासपोर्ट बन गया और वह विदेश तक की यात्रा करके आ चुका है. 

 इस बड़ी लापरवाही में अगर कहीं ना कहीं शिवराज सरकार साथ ना देती तो ऐसा नहीं होता.. यह सटोरिए पुलिस के मुंह पर पैसा फेक खुलेआम सट्टेबाजी कर रहे हैं और इन्हें कोई रोकने वाला भी नहीं है.. 
 औद्योगिक राज्य बनते बनते मध्य प्रदेश कब सट्टेबाजों का कैपिटल बन गया पता ही नहीं चला… जाने आने वाले समय में शिवराज सिंह चौहान और क्या-क्या बनाएंगे…. !!

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