जहां सिंधिया के कहने पर हिलता था पत्ता, अब वहां इस नेता ने दी दखल, हुई सिंधिया की मर्ज़ी के बिना पहली नियुक्ति

मध्यप्रदेश/अशोकनगर – मध्यप्रदेश में बीते दिनों सत्ता को लेकर काफी लंबा सियासी ड्रामा चला। 15 महीनों के भीतर ही राज्य की कमलनाथ सरकार गिरी। देखा जाए तो कमलनाथ सरकार गिराने में सबसे बड़ा हाथ रहा उन्हीं के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का। जिन्होंने कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी का दामन थामा। दरअसल, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उनके समर्थकों ने भी पार्टी का दामन छोड़ा, और महाराज संग चले गए। इस दौरान सिंधिया के साथ कई समर्थक, कार्यकर्ता, विधायक और मंत्री बीजेपी में भी शामिल हुए।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जानें के बाद नतीजा यह हुआ कि कमलनाथ सरकार गिर गई, प्रदेश में फिर कमल खिला। बता दे कि कांग्रेस में सिंधिया का एक तरफ दबदबा कायम था। गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, चम्बल पर सिंधिया की अच्छी पकड़ मानी जाती हैं। इतना ही नहीं सिंधिया की मर्जी के बगैर इन इलाके में कोंग्रेस के अंदर पत्ता भी नही हिलता था। लेकिन अब उनके जाते ही कांग्रेस यहां अपनी मर्ज़ी चलाना शुरू कर दी हैं।
दरअसल, इस पूरी सियासी उठा पाठक में सिंधिया के साथ अशोकनगर जिले के तीन में से दो विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई दूसरे पदाधिकारियों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस छोड़ दी थी। अब कांग्रेस ने यह नया जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया हैं। नई सराय तहसील के खास खेड़ा के पूर्व सरपंच हरि सिंह रघुवंशी को पार्टी में नया जिला अध्यक्ष बनाया हैं। रघुवंशी चंदेरी विधायक गोपाल सिंह चौहान करीब माने जाते हैं।
खबरों की माने तो इस नियुक्ति के पीछे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का हाथ माना जा रहा हैं। कहा जा रहा है की अभी तक दिग्विजय सिंह अशोकनगर जिले में हस्तक्षेप नही करते थे। मगर इस नियुक्ति के बाद माना जा रहा है कि अब इस क्षेत्र में उनका दखल शुरू हो जायेगा। वहीं, सिंधिया की मर्ज़ी के बिना यह जिले की पहली नियुक्ति हैं।




