
भोपाल : मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों से बड़ा मामला सामने आया है जहां प्रमोशन नहीं मिलने के कारण कई डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी। दरअसल 25 – 30 साल पहले मेडिकल ऑफिसर पद पर ज्वाइन करने वाले डॉक्टर नाक-कान-गला (ENT) विशेषज्ञ और नेत्र रोग विशेषज्ञ के तौर पर इलाज करते आ रहे हैं। लेकिन आज तक इन्हें प्रमोशन नहीं मिल पाया था। डॉक्टर्स कई बार अफसरों-नेताओं से मिले, धरना और प्रदर्शन भी किया। बावजूद नतीजा नहीं निकला। कई डॉक्टरों ने नौकरी ही छोड़ दी है।
बता दे कि राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल में नेत्र रोग विभाग के डॉक्टर केके अग्रवाल ने पिछले साल सरकारी सिस्टम की बेरुखी से परेशान होकर उन्होंने जॉब छोड़ दी। 25 साल सरकारी नौकरी में रहने के बाद भी डॉ. अग्रवाल विभागीय तौर पर विशेषज्ञ नहीं बन पाए।
वहीं, दूसरी तरफ कुछ डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके रिटायरमेंट के तीन-चार चाल बचे हैं। अब इन्हें विशेषज्ञ का दर्जा मिलेगा।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने 42 नाक-कान-गला (ENT) एक्सपर्ट और 64 नेत्र रोग विशेषज्ञ की सप्लीमेंट्री पोस्ट गठन को मंजूरी दे दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस आदेश से वेतन बढ़ोतरी नहीं होगी सिर्फ कागजी तौर पर विशेषज्ञ का दर्जा मिलेगा।