
मध्यप्रदेश/मुरैना – क्या शराब के ठेके भी मेडिकल सेवाओं की तरह अत्यावश्यक सेवाओं में शुमार कर लिए गए हैं? ये सवाल इसलिए क्योंकि मुरैना से जो तस्वीरें सामने आई उसे देखकर यही लगता है कि शराब की दुकानें भी अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल हैं। दरअसल, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन लागू हो गया। इस दौरान मेडिकल सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करवा दिया गया। लेकिन मुरैना में 6 बजे के बाद भी शराब के ठेके खुले रहे।
इतना ही नहीं, इन ठेकों पर भारी भीड़ देखी गई, और तो और तस्वीरों में एक हवलदार भी हाथ में डंडा लेकर दुकान पर खड़ा नजर आ रहा हैँ। ऐसा लगता है कि उन्हें शायद खबर ही नहीं कि प्रदेश में लॉकडाउन शुरू हो चुका है और शराब की दुकान को भी इस दौरान बंद कराना हैं। इससे तो यही लगता है कि शायद कोरोना जैसी महामारी या तो शराब के ठेकों पर आने से डरती है या फिर शराब के सेवन से कोरोना खत्म हो सकता हैं। लॉकडाउन में शराब बिक्री की ये तस्वीर कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही को भी उजाकर करती दिख रही हैं।
एक तरफ जहां बंद में आम जनता रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें के लिए परेशान होती नजर आती है, तो वहीं दूसरी तरफ शराब की लॉक डाउन लागू होने के बाद भी शराब बिकती रहीं। इस तरह लॉकडाउन के दौरान भी खुल्लम-खुल्ला शराब की बिक्री कई सवाल खड़े कर रही हैं।