मिसाइलमैन अब्दुल कलाम का आज जन्मदिवस : जानिए कलाम के जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य 

मिसाइलमैन अब्दुल कलाम का आज जन्मदिवस : जानिए कलाम के जीवन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य 

मिसाइलमैन अब्दुल कलाम जन्मजयंती 

साल 1962 अब्दुल कलाम पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) पहुंचे


भारतीय इतिहास में 15 अक्टूबर के दिन भारत को मिसाइल और परमाणु शक्ति संपन्न बनाने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी,जे अब्दुल कलाम आज के ही दिन जन्मे थे |  वह एक महान वैज्ञानिक थे, कलाम की अगुवाई में भले ही भारत में सबसे खतरनाक और घातक डिफेंस मिसाइलों का निर्माण हुआ हो, लेकिन वे हमेशा बेहद, सहज और सरल नेता थे |

साल 1962 कलाम पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) पहुंचे | कलाम प्रोजेक्ट निर्देशक थे | जब भारत द्वारा अपना स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 का निर्माण किया गया | कलाम द्वारा स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया गया, जिसके तहत, अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक बनीं |

इसके अलावा, सन 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं, जब वाजपेयी सरकार द्वारा पोखरण में दोबारा न्यूक्लियर टेस्ट किया गया, तब कलाम ने एक बड़ी अहम् भूमिका निभाई थी | कलाम की अगुवाई में जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल, टैंकभेदी मिसाइल और रिएंट्री एक्सपेरिमेंट लॉन्च वेहिकल (रेक्स) पर खूब काम हुआ | इसी के साथ, पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग नाम के मिसाइलों का निर्माण किया गया | 

गौरतलव है कि साल 1985, महीना सितंबर, त्रिशूल का परिक्षण, फरवरी 1988 में पृथ्वी और मई 1989 में अग्नि का परीक्षण किया गया | जिसके पश्चात् साल 1998 में रूस के साथ मिलकर भारत द्वारा सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने पर काम शुरू किया गया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई | ब्रह्मोस धरती, आसमान और समुद्र कहीं से भी प्रक्षेपित किया जा सकता है |

इस सफलता के पश्चात् कलाम को मिसाइल मैन की ख्याति मिली है | अब्दुल  कलाम को पद्म विभूषण से सम्मानित भी किया गया | बता दें कि एपीजे अब्दुल कलाम को 1981 में भारत सरकार ने पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया |