मंत्री पटवारी ने अपने बयान पर मांगी माफ़ी , कहा क्या खेद प्रगट करने से भ्रष्टाचार होगा ख़त्म ?   

इंदौर : मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने अपने दिए गए बयान पर खेद प्रगट किया हैं। मंत्री पटवारी ने पटवारियों को लेकर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसको लेकर प्रदेश के पटवारियों का संघ और राजस्व विभाग के अधिकारियों नाराज हो गए थे। हालांकि मंत्री पटवारी अपने बयान पर अडिग है उन्होंने कहा अगर मेरे बयान वापस लेने से भ्रष्टाचार खत्म हो जाता है तो मैं एक बार नहीं सौ बार माफ़ी मागूंगा। 

गौरतलब है कि मंत्री जीतू पटवारी ने विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम के दौरान पटवारियों पर उन्होंने जमकर जुबानी हमला बोला था। जिससे प्रदेश के राजस्व विभाग और पटवारियों मंत्री पर नाराज हो गए। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने प्रदेश के अलग अलग जिला कार्यालयों पर प्रदर्शन कर 3 दिन के सामूहिक अवकाश की घोषणा कर दी थी। इसके बाद बारिश के कारण किसानों की फसलो का सर्वे ठप पड़ चुका था। लिहाज़ा सरकार की भी मुश्किल बढ़ने लगी थी। आशंका जताई जा रही है कि अगर बारिश और बाढ़ से हुई किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे करके जानकारी सरकार को नहीं दिया गया तो किसान सड़को उतर कर प्रदर्शन करने लगेंगे। जिसके वज़ह से मंत्री पटवारी को आखिरकार अपने बयान पर खेद प्रगट करना पड़ा। 

माफ़ी मांगने के बाद उठा बड़ा सवाल 

मंत्री जीतू पटवारी ने अपनी बयान पर खेद प्रगट किया और कहा कि माफ़ी मांगने से कोई छोटा बड़ा नहीं हो जाता हैं। अगर मेरे बयानों से किसी को ठेस पंहुचा है तो हमें खेद हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं मंत्री हूं और जिला कलेक्टर को निर्देशित करना मेरा दायित्व है। अकेले राउ विधानसभा क्षेत्र से 370 शिकायतें जमीनों से जुड़ी हुई मेरे पास आई । जिन्होंने मुझे वोट दिया उनकी समस्या दूर करना मेरा धर्म है और इससे मैं रुकूंगा नहीं वही उन्होंने ये भी कहा कि मैं तो माफी मांग लूंगा पर क्या इससे करप्शन कम होगा ?   
 

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