मायावती ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को कहा "निराशाजनक", राष्ट्रपति ने अभिभाषण में कृषि कानूनों को लेकर कही थी ये बात

मायावती ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को कहा “निराशाजनक”, राष्ट्रपति ने अभिभाषण में कृषि कानूनों को लेकर कही थी ये बात

नई दिल्ली:– बीएसपी नेता और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद टिप्पणी की है उन्होंने कहा कि 1. संसद के संयुक्त अधिवेशन में मा. राष्ट्रपति का अभिभाषण खासकर किसानों व गरीबों आदि के लिए घोर निराशाजनक। कृषि के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला किसान तीन कृषि कानूनों की वापसी को लेकर काफी आन्दोलित है व सरकारी प्रताड़ना झेल रहा है जिसपर सरकारी चुप्पी दुःखद।
2. बीएसपी ने केन्द्र सरकार द्वारा काफी अपरिपक्व तरीके से लाए गए नए कृषि कानूनों का संसद में व संसद के बाहर हमेशा विरोध किया है। देश के गरीबों, दलितों व पिछड़ों आदि की तरह किसानों के शोषण व अन्याय के विरूद्ध व इनके हक के लिए भी बीएसपी हमेशा आवाज उठाती रहेगी।

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभिभाषण में कही यह बातें:-

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में कहा कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो न हम रुकेंगे और न ही भारत रुकेगा। सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाज़ार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है, ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो
पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए।
मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं.

राष्ट्रपति ने अभिभाषण के दौरान यह भी कहा कि मेरी सरकार ने MSP डेढ़ गुना बढ़ाई है. इस कानून से किसानों को लाभ पहुंचेगा। 
आज ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकनोमिक सर्वे पेश करेंगी। बजट सत्र का पहला सेशन 15 फरवरी तक चलेगा।

Exit mobile version