प्रशासन कि बड़ी लापरवाही, ऑनलाइन सूचना देने पर भी नहीं हो रही कार्रवाई

मध्यप्रदेश/जबलपुर(Jabalpur) – : प्रशासनिक जांच के पचड़े से बचने के लिए जो लोग चोरी-छिपे सीधे अपने घरों को पहुंच रहे हैं उनसे कोरोना(Corona) संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ रहा है। असल में ये लोग संक्रमित शहरों से ई-पास के जरिए सीधे घर लौट रहे हैं। इसके बाद ये लोग घूम भी रहे हैं जो कि संक्रमण बढ़ने के लिए खतरनाक हो सकता है। इस संक्रमण के अंदेशे को जिला प्रशासन भी बढ़ावा देने से बाज नहीं आ रहा। ऐसे लोगों की सूचना मिलने पर भी वह गंभीरता से नहीं ले रहा जिससे ये बेखौफ हो कर घूम रहे हैं।

कहा जा रहा है कि ई-पास के जरिए कोई अपने निजी वाहन या फिर टैक्सी आदि से ई-पास के जरिए लौट रहे हैं। कोरोना संक्रमित शहर से आने के बाद सीधे घर जा रहे और बाजार में  बेखौफ भी हो कर घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के जानकारी छिपाने से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। यहां एक और जो सबसे बड़ी दिक्कत है वो ये कि इन लोगों कि ऑनलाइन सूचना देने के बाद भी 5 से 7 दिन बाद ही इन्हें कॉल सेंटर से फोन आ रहा है। ये लोग क्वारंटीन का पालन बिल्कुल नहीं कर रहे हैं जो इनके खुद व अन्य लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है।

 प्रशासन ने  अपने जिले के उन रास्तो को सील किया है जो दूसरे शहरों से आने वाले मुख्य मार्ग हैं। अब ये लोग दूसरे वैकल्पिक रास्तो से सीधे शहर में प्रवेश कर जा रहे हैं। खास तौर पर ये लोग ग्रामीण  वाले रास्तो का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इनकी जांच नहीं हो पा रही है। प्रशासन के लिए ऐसे लोगों को ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा है। जब ये मिलें तब तो इन्हें कोरोना प्रोटोकॉल के तहत क्वारंटीन किया जाए।

 अभी जिले की ये है स्थिति

1- : 25 हजार से ज्यादा लोगों की आवाजाही

2- : 18 हजार के करीब लोग हाल के दिनों में आए

3- : लगभग12 हजार श्रमिक आ चुके हैं

4- : 15 से ज्यादा लोग हाल में संक्रमित मिले हैं 9 हजार 276 लोग होम क्वारंटीन हैं

5- : 1 हजार 422 व्यक्तिगत संस्थागत क्वारंटीन

6- : 217 संदिग्ध

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