
मझौली : आधी रात प्रशासन का गोदामों में छापा, व्यापारियों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने की कर रखी थी तैयारी
- दो व्यापारियों के गोदामों से 2100 कट्टी धान प्रशासन ने की जप्त
- व्यापारियों के पास नहीं मिले धान के कोई दस्तावेज
- सिहोरा एसबीएम और मझौली तहसीलदार की कार्रवाई
द लोकनीति डेस्क मझौली
किसानों से ओन-पौन दामों पर धान खरीद कर उसे समर्थन मूल्य पर बेचने का गोरखधंधा जबलपुर जिले में जोर शोर से चल रहा है। व्यापारी और बिचौलिए किसानों की मजबूरी का फायदा उठा कर पहले तो उनकी धान खरीद लेते हैं। बाद में उसी धान को समर्थन मूल्य पर समितियों में लगाकर बड़ा मुनाफा कमाते हैं। ताजा मामला जबलपुर जिले की मझौली तहसील का है, जहां प्रशासन ने आधी रात को व्यापारी के दो गोदामों में छापा मारकर करीब 21 सौ बोरी धान जप्त की। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों के पास गोदाम में रखी हुई धान के कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले। मौके पर पंचनामा बनाने के बाद प्रशासनिक अमले ने व्यापारियों से धान के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम और तहसीलदार ने देर रात मारा छापा
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के द्वारा अनुचित लाभ उठाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। निर्देश पर सिहोरा एसडीएम चंद्र प्रताप गोहिल और मझौली तहसीलदार श्यामनंदन चंदेले ने सोमवार रात करीब 11:30 बजे के लगभग मझौली के दो गोदामों में छापा मारा।
इतनी धान पकड़ी गई दोनों गोदामों से
छापे की कार्रवाई के दौरान प्रेम लाल साहू के गोदाम से 13 सौ बोरी और अजय साहू के गोदाम से 800 बोरी धान प्रशासनिक अमले ने जप्त की। कार्रवाई के दौरान दोनों ही गोदाम संचालकों द्वारा जप्त की गई धान के कोई भी दस्तावेज मौके पर नहीं मिले। प्रशासनिक अमले ने जप्त धान का पंचनामा कराने के बाद गोदाम संचालकों को धान सुपुर्द कर दी। गोदाम संचालकों को पकड़ी गई धान के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।