
टोक्यो ओलंपिक के बाद अब बारी है पैरालंपिक खेलों की जी हां अब पैरा एथलीट्स के बीच होने वाले खेलों के इस महाकुंभ की तैयारियां पूरी कर ली गई है और इन खेलों का आगाज आज से शुरू हो रहा है। इस बार इस विश्वस्तरीय टूर्नामेंट में दुनियाभर से 4000 से अधिक पैरा एथलीट्स हिस्सा ले रहे हैं। कोरोना महामारी की कारण से इन खेलों में स्टेडियम में एंट्री नहीं मिलेगी और स्कूल के बच्चों को इसमें जाने की मंजूरी दी गई है लेकिन उसके लिए उन्हें सभी कोराना गाइडलाइन का नियमों का पालन करना होगा और गोलबॉल और बोक्सिया को छोड़कर ओलंपिक और पैरालंपिक के अधिकतर खेल एक ही हैं। इसमें तैराकी और एथलेटिक्स भी शामिल हैंं।
थंगावेलु इस पैरालिंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक रहेंगे उनके अलावा जैवलिन थ्रोअर टेक चंद और डिस्कस थ्रोअर विनोद मलिक भी बुधवार को ही टोक्यो रवाना हुए। भारत का दूसरा दल बुधवार की शाम को रवाना होगा जिसमें भारतीय पैरालिंपिक समिति PCI अध्यक्ष समेत 14 लोग हैं। इसी दल के साथ रियो के स्वर्ण विजेता जैवलिन थ्रोअर देवेंद्र झाझड़िया भी होंगे। पैरालिंपिक खेलों की शुरुआत आज से शुरू होगी।
अगर बात करे तो भारत की तो इस बार देश से भी 54 खिलाड़ी कुल 9 अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। 24 अगस्त से पांच सितंबर तक होने वाले पैरालंपिक खेलों में भारत ने इस बार अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा है, जो पदक के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय दल से पांच खिलाड़ी समेत कुल 11 लोग उद्घाटन समारोह का हिस्सा होंगे।